*बुरहानपुर के एम्पीरियल स्कूल में ‘सेवा ही संकल्प अभियान’ छात्रों ने ली स्वच्छता की शपथ, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का दिया संदेश*

बुरहानपुर :- मध्य प्रदेश शासन द्वारा चलाए जा रहे ‘सेवा ही संकल्प अभियान’ के अंतर्गत स्थानीय एम्पीरियल स्कूल में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर एक विशेष जागरूकता व संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्कूली छात्र छात्राओं को गीला, सूखा, सेनेटरी और ई-वेस्ट कचरे के सही प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई और उन्हें स्वच्छता की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित करने और इसके स्थान पर कपड़े की थैलियों के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया। यह पहल प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। इस अवसर पर मुख्य रूप से स्वास्थ्य विभाग से रवींद्र सिंह राजपूत, राजेश दोर्वेकर और भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष भरत रावल उपस्थित रहे।
*चार श्रेणियों में डस्टबिन का वर्गीकरण*
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने शहरी ठोस कचरे के उचित निपटान के लिए इसे चार मुख्य श्रेणियों में बांटने की विधि समझाई गीला कचरा हरे रंग की डस्टबिन सूखा कचरा नीले रंग की डस्टबिन
सेनेटरी कचरा काले या लाल रंग की डस्टबिन ई-वेस्ट व अन्य हानिकारक कचरा निर्धारित डस्टबिन
छात्रों को प्रेरित किया गया कि वे अपने घरों और आसपास कचरे का पृथक्कीकरण करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें, ताकि कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया सुलभ और प्रभावी बन सके।
*संकल्प पत्र के जरिए आमजन को जोड़ने की पहल*
कार्यक्रम के अंत में एम्पीरियल स्कूल के प्राचार्य, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम के एनजीओ प्रतिनिधियों तथा जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्वच्छ भारत अभियान के तहत सभी बच्चों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई।
स्वास्थ्य विभाग ने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि वे स्वयं जागरूक बनने के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी इस अभियान से जोड़ें। बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे ‘सेवा ही संकल्प अभियान’ के तहत अपने आस-पड़ोस के नागरिकों से संकल्प पत्र भरवाकर स्कूल में जमा करवाएं और समाज में स्वच्छता का संदेश प्रसारित करें।



