मदरसे के बच्चों ने पेश की हज की खूबसूरत झलक, मॉडल एग्जीबिशन ने जीता सबका दिल

बुरहानपुर। मस्जिद सुल्तानिया राजपुरा में बच्चों के लिए एक बेहद खास और ज्ञानवर्धक ‘हज मॉडल एग्जीबिशन’ (Hajj Model Exhibition) प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस अनूठे कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी रचनात्मकता और हुनर का ऐसा प्रदर्शन किया कि हर कोई देखता रह गया।
हाथों से बनाए हज के मुकद्दस मुकामात
एग्जीबिशन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें शामिल बच्चों ने अपने हाथों से हज के तमाम अरकान (धार्मिक स्थलों और प्रक्रियाओं) के खूबसूरत और सटीक मॉडल्स तैयार किए थे। इन मॉडल्स में:
खाना-ए-काबा और तवाफ़ की खूबसूरत झलक
सफ़ा और मरवा की पहाड़ियाँ
मीना, अराफ़ात और मुज़दल्फ़ा के मैदानों का दृश्य
जमरात (शैतान को कंकड़ी मारना) का पूरा मंज़र
इन सभी को बच्चों ने बहुत ही बारीकी और मेहनत से बनाकर प्रदर्शित किया।
मासूमों ने दी हज के अरकान की लाइव जानकारी
कार्यक्रम में आए जायरीन और स्थानीय लोगों को बच्चों ने खुद गाइड करते हुए हर एक मॉडल की अहमियत समझाई। बच्चों ने बड़े ही आत्मविश्वास के साथ बताया कि हज के दौरान कौन सा अरकान किस तरह और क्यों अदा किया जाता है। इसके अलावा बच्चों ने इस्लाम और दीगर ज़रूरी मालूमात से जुड़ी कई और चीज़ें भी अपने हाथों से बनाकर डिस्प्ले की थीं।
“बच्चों की इस अनूठी कोशिश की वहाँ मौजूद उलेमा और समाज के गणमान्य लोगों ने जमकर तारीफ की। लोगों का कहना था कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों को न सिर्फ अपनी संस्कृति और मजहब को करीब से जानने का मौका मिलता है, बल्कि उनका हुनर भी निखरता है।”
यह प्रोग्राम पूरी तरह कामयाब रहा और बच्चों के इस जज्बे ने मस्जिद सुल्तानिया राजपुरा में आए हर शख्स का दिल जीत लिया। मदरसा पढ़ने वाले मौलाना शाकिर फैजी ,मौलाना अब्दुल करीम मुत्ताक़ी ,हाफ़िज़ निसार मुत्ताक़ी



