*बुरहानपुर में अवैध 13 देशी पिस्टल व कारतूस के साथ 3 तस्करो को पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा*

बुरहानपुर :- जिले में अवैध हथियारों के निर्माण, क्रय-विक्रय और परिवहन के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना खकनार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सिकलीगर गिरोह से जुड़े दो फरार आरोपियों को धर दबोचा है। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेण्डे तथा एसडीओपी नेपानगर वैभव प्रिय के मार्गदर्शन में फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
*जंगल में घेराबंदी कर पहले पकड़ा गया था मुख्य आरोपी*
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि 9 अगस्त 2026 को खकनार थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक जाधव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम खकनार के पास जंगल में एक व्यक्ति अवैध हथियारों के साथ बैठा है। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर दबिश दी और शक्तिसिंह पिता बादलसिंह पटवा (उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम ओझर, जिला बड़वानी) को हिरासत में लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 13 हस्तनिर्मित (देशी) पिस्टल, 1 खाली मैगजीन, 45 जिंदा कारतूस और 1 मोटरसाइकिल जप्त की गई। जप्त किए गए कुल मशरूका की कीमत लगभग 4,92,000 रुपये आंकी गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना खकनार में अपराध क्रमांक 377/2026 धारा 25(1-बी)ए आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था।
*पूछताछ में खुला पाचौरी कनेक्शन, दो अन्य आरोपी गिरफ्तार*
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी शक्तिसिंह से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने खुलासा किया कि ये हथियार उसे पाचौरी के रहने वाले मेहमानसिंग और जसबीर ने सप्लाई किए थे। घटना के बाद से ही दोनों आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे थे।
5 अक्टूबर 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी मेहमानसिंग और जसबीर पांगरी रोड की तरफ आ रहे हैं। खकनार पुलिस की विशेष टीम ने बिना समय गंवाए घेराबंदी कर दोनों आरोपिय मेहमानसिंग पिता दारासिंग बावरी (23 वर्ष) और जसबीर पटवा (22 वर्ष), निवासी पाचौरी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ही 9 अगस्त को ओझर निवासी शक्तिसिंह को हथियारों की यह खेप सौंपी थी।
इस पूरी कार्रवाई और तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में निरीक्षक अभिषेक जाधव, उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक सतीश सूर्यवंशी, शिवराम कास्हे, संदीप सिंह सोलंकी तथा आरक्षक राकेश डाबर, खुमसिंह नार्वे, विजेंद्र देवल्ये, सुनील धुर्वे, कैलाश मोरे, अर्जुन कसुमरिया और रूपेश कास्हे की मुख्य व सराहनीय भूमिका रही।



