*खैराती बाजार स्कूल में ‘स्वच्छ बुरहानपुर’ कार्यशाला आयोजित विधायक अर्चना चिटनिस ने विद्यार्थियों को बनाया ‘स्वच्छता का ब्रांड एम्बेसडर’*

बुरहानपुर :-बच्चे केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान में भी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की सबसे बड़ी ताकत हैं।” इसी विश्वास के साथ विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनिस ने शासकीय उर्दू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खैराती बाजार में विद्यार्थियों से संवाद किया। ‘सेवा मेरा योगदान’ के अंतर्गत संचालित ‘स्वच्छ बुरहानपुर अभियान-180, नगरीय’ कार्यशाला के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को स्वच्छता के ब्रांड एम्बेसडर के रूप में अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाने के लिए प्रेरित किया।
इस विशेष अभियान के तहत बुरहानपुर के 47 हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों की कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को जोड़ा जा रहा है। योजना के अनुसार, प्रत्येक विद्यार्थी अपने आसपास के कम से कम पांच घरों तक पहुंचकर परिवारों को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेगा और इसके बहिष्कार का संदेश देगा। इसके साथ ही, परिवारों से संकल्प पत्र भरवाकर उनके घरों के बाहर ‘मेरा घर-सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त’ का स्टीकर भी लगाया जाएगा।
*प्लास्टिक छोड़ें, कपड़े की थैली अपनाएं*
कार्यशाला में विद्यार्थियों को कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी दी गई। उन्हें गीले, सूखे, खतरनाक और सेनेटरी पैड कचरे को अलग-अलग (कचरा पृथक्करण) रखने की समझाईश दी गई। विधायक चिटनिस ने प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर कपड़े की थैली और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाने का जोरदार आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कचरे के सही प्रबंधन की शुरुआत हमेशा घर से होती है और बच्चों की सक्रिय भागीदारी से ही यह एक बड़ा जन-आंदोलन बनेगा।

यह अभियान आगामी 2 अक्टूबर 2027 तक वर्षभर चलने वाला सतत जन-अभियान है। नागरिकों, विद्यार्थियों और परिवारों के सामूहिक सहयोग से बुरहानपुर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी रोहनी पवार, मत्स्य विभाग के सहायक अभिषेक सोनी, विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
*प्राचार्य की लापरवाही पर फूटा गुस्सा*
कार्यक्रम के उपरांत विधायक अर्चना चिटनिस ने स्कूली बच्चों से सीधा संवाद किया, जिसमें बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। हालांकि, इसके बाद का माहौल उस समय गरमा गया जब विधायक ने विद्यालय के प्राचार्य से कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं के कुल विद्यार्थियों की दर्ज संख्या पूछी। प्राचार्य द्वारा गलत आंकड़े बताए जाने पर विधायक कड़ी नाराजगी जताते हुए उन पर भड़क उठीं और उन्हें जमकर फटकार लगाई 10 मिनिट में बच्चों की सूची मांगी
घटना के बाद विधायक ने स्कूल प्रांगण की व्यवस्थाओं में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि स्कूल को केवल शैक्षणिक संस्थान ही रहने दिया जाए। विद्यालय परिसर में किसी भी तरह के अन्य फंक्शन, शादी समारोह या आधार सेंटर जैसी गतिविधियों के संचालन की सख्त अनुमति नहीं दी जाएगी.



