*महापौर ने इंदिरा कॉलोनी में कम्युनिटी रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सौंदर्यीकरण कार्य का किया निरीक्षण कमियों पर लगाई फटकार*

बुरहानपुर :- नगर निगम महापौर माधुरी अतुल पटेल ने इंदिरा कॉलोनी वार्ड में जारी कम्युनिटी रेन वाटर हार्वेस्टिंग और ब्लॉक सौंदर्यीकरण कार्यों का प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में कई गंभीर तकनीकी खामियां पाई गईं, जिस पर महापौर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित निर्माण एजेंसी और अधिकारियों को तत्काल सुधार करने तथा संपूर्ण कार्य समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने पाया कि स्वीकृत कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) के स्पष्ट प्रावधानों के बावजूद अधिकांश मकानों के सामने पौधारोपण के लिए निर्धारित स्थान नहीं छोड़ा गया था। कार्यादेश के अनुसार प्रत्येक आवास के समक्ष हरित क्षेत्र और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधरोपण का स्पेस छोड़ा जाना अनिवार्य था। इस अनदेखी पर महापौर ने अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए कि कार्यादेश के नियमों का पालन कराते हुए प्रत्येक घर के सामने पौधारोपण हेतु आवश्यक स्थान सुनिश्चित कराया जाए।
इसके साथ ही सड़क एवं ब्लॉक निर्माण के तहत बनाए गए चेंबरों के ढक्कनों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। अधिकांश चेंबर के ढक्कन सड़क के समतल (लेवल) पर न होकर ऊंचे-नीचे पाए गए। महापौर ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि ढक्कनों के असंतुलित होने से नागरिकों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है और हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने तुरंत इन ढक्कनों को बदलकर सड़क के निर्धारित स्तर के अनुरूप व्यवस्थित करने के आदेश दिए, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
*गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं महापौर*
महापौर माधुरी अतुल पटेल ने दो टूक शब्दों में कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल औपचारिकता के लिए निर्माण कार्य पूरा करना नहीं है, बल्कि शहर में टिकाऊ, सुरक्षित और उच्च स्तरीय अधोसंरचना तैयार करना है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता जांच के निर्देश दिए।
महापौर ने चेतावनी दी कि ब्लॉक बिछाने, चेंबर दुरुस्ती और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री का उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि निर्देशों के बाद भी सुधार नहीं हुआ या कार्य में लापरवाही पाई गई, तो जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



