*चापोरा में कपास संगोष्ठी आयोजित साइमा और कृषि विभाग की पहल से किसानों को मिली वैज्ञानिक तकनीक और बीजों की सौगात*

बुरहानपुर :- जिले में कपास के रकबे और उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग और साइमा (साउथ इंडियन मिल्स एसोसिएशन) के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम चापोरा में एक विशाल कपास संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों से लगभग 300 किसानों ने सहभागिता कर आधुनिक खेती और उन्नत तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
संगोष्ठी के दौरान बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने किसानों को संबोधित करते हुए कपास के बेहतर उत्पादन, जैविक खेती के प्रोत्साहन और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कृषकों के साथ ‘सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्ति’ और ‘विकसित भारत के संकल्प’ जैसे सामाजिक एवं पर्यावरण सुधार विषयों पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही ‘स्वस्थ मृदा-स्वस्थ जीवन’ की अवधारणा को रेखांकित करते हुए मिट्टी की सेहत बनाए रखने के लिए संतुलित खाद और वैज्ञानिक पद्धतियों के प्रयोग की अपील की। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को साइमा की विशेष किस्में—’सुरक्षा नान बीटी’ एवं ‘शक्ति बीटी’ कपास बीजों का वितरण भी किया गया।
साइमा कपास संस्था की ओर से पधारीं डॉ. आशारानी ने किसानों को कस्तूरी कपास और संस्था द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि यदि आगामी वर्ष में कृषक 500 एकड़ का क्लस्टर बनाकर साइमा कपास की किस्मों की खेती करते हैं, तो संस्था सीधे उनका उत्पादन खरीदने के लिए अनुबंध (बायबैक एग्रीमेंट) करेगी। इसी क्रम में संस्था के प्रतिनिधि गुप्ता द्वारा ‘शक्ति बीटी’ किस्म का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद उपस्थित किसानों ने ग्राम अडगांव स्थित कृषक के खेत का अवलोकन कर फसल की गुणवत्ता को समझा।
कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि विभाग ने आगामी रबी सत्र को ध्यान में रखते हुए जल की उपलब्धता के अनुसार फसलों के चयन पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को कम पानी में बेहतर पैदावार देने वाली रबी फसलों जैसे चना, कुसुम, सरसों एवं गेहूं की उन्नत किस्मों को बोने की सलाह दी।
संगोष्ठी में कृषि महाविद्यालय खण्डवा से डॉ. एस.के. परसाई, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के वैज्ञानिक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कृषि समिति के सदस्य एवं कृषि विभाग के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।



