*बुरहानपुर में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्टर और एसपी ने अतिक्रमण हटाने आवारा पशुओं पर लगाम कसने और अनफिट वाहनों की जब्ती दिए सख्त निर्देश*

बुरहानपुर:- बुरहानपुर से बड़ी खबर है। संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में मंगलवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति और जिला सतर्कता समिति की महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। कलेक्टर हर्ष सिंह और एसपी आशुतोष बागरी की मौजूदगी में हुई इन बैठकों में शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने और प्रशासनिक मुस्तैदी बढ़ाने को लेकर कई कड़े और अहम फैसले लिए गए।
बुरहानपुर में आम नागरिकों की सुरक्षा और सुगम यातायात को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मंगलवार को आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की शुरुआत करते हुए कलेक्टर हर्ष सिंह ने नगर निगम और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से निर्देश दिए हैं कि वे शहरभर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। सड़कों पर बेवजह सामान या ठेले लगाकर यातायात बाधित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही शहर में लगातार बढ़ रही आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए भी विशेष अभियान चलाकर उन्हें पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं ताकि हादसों को टाला जा सके।
बच्चों और युवाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के आसपास विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी शिक्षण संस्थानों के समीप आवश्यकतानुसार गुणवत्तापूर्ण स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं। इसके अलावा, ऑटो रिक्शा के लिए एक व्यवस्थित पार्किंग जोन तय करने, साप्ताहिक बाजारों को तयशुदा और खुले स्थानों पर लगाने तथा सड़कों के किनारे उग आई झाड़ियों की तत्काल सफाई कराने के भी निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।
यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए जिला परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे सड़क पर दौड़ने वाले वाहनों की नियमित चेकिंग करें। यदि कोई वाहन अनफिट या मानकों के विपरीत पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सीधी जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
एसपी आशुतोष बागरी ने कानून-व्यवस्था और युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिले के सभी स्कूलों और कॉलेजों में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत जन-जागरूकता गतिविधियां बढ़ाई जाएं ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके।
सड़क सुरक्षा के बाद, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत ‘जिला सतर्कता समिति’ की बैठक भी संपन्न हुई। इस दौरान अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर हर्ष सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्रकरणों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए उनका समयबद्ध और शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सीईओ जिला पंचायत एवं अपर कलेक्टर सृजन वर्मा ए एसपी प्रदीप शेण्डे, एसडीएम पल्लवी पुराणिक, डिप्टी कलेक्टर भागीरथ वाखला सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।



