*भावासा डैम से जल रिसाव पानी बचाने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे 13 गांवों के किसान आंदोलन की दी चेतावनी*

बुरहानपुर :- बुरहानपुर जिले में कम वर्षा और ऊपर से भावासा मध्यम सिंचाई परियोजना (चोंडी डैम) के गेटों से लगातार हो रहे जल रिसाव ने बुरहानपुर जिले के किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे दर्जनों प्रभावित गांवों के किसानों ने जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपकर डैम के लीकेज को तुरंत बंद कराने और पानी के संरक्षण की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र व संवैधानिक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
*कलेक्टर गेट पर धरने पर बैठे किसान*
कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट पर किसान नेता इंदर सिंह देशमुख के नेतृत्व में किसान सांकेतिक धरने पर बैठ गए। देशमुख ने कहा कि वर्तमान वर्ष में जिले में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। ऐसे में चोंडी डैम में उपलब्ध जल ही आगामी फसलों की सिंचाई और किसानों की आजीविका का एकमात्र सहारा है। परंतु डैम के मुख्य गेटों और निकासी संरचनाओं से भारी मात्रा में पानी व्यर्थ बह रहा है। यदि यह रिसाव जल्द नहीं रोका गया, तो रबी की फसलों के लिए गंभीर जल संकट खड़ा हो जाएगा।
*13 से अधिक गांव प्रभावित*
किसानों ने बताया कि इस जल रिसाव का सीधा असर ग्राम फोपनार, बडसिंगी, दहिहंडी, रायगाँव, नीमगाँव, तुरक गोराडा, पिपरी, खामनी, भावसा, खारी, मालवीर, बक्खारी, मोहद सहित आसपास के कई क्षेत्रों की कृषि पर पड़ेगा।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
जल संसाधन विभाग के सक्षम अधिकारियों की टीम भेजकर तुरंत रिसाव की स्थल जांच कराई जाए। लीकेज वाले गेटों को बंद कर आवश्यक सुधार व मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर कराया जाए। जल रिसाव रोकने की समय-सीमा निर्धारित कर किसानों को लिखित में सूचित किया जाए। जब तक मरम्मत पूरी नहीं होती, तब तक पानी का अपव्यय रोकने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
*अनदेखी पर संवैधानिक आंदोलन की चेतावनी*
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी मंशा किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की नहीं है। वे केवल अपने अधिकार और फसल सुरक्षा के लिए जल संरक्षण चाहते हैं। यदि प्रशासन ने इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान नहीं लिया, तो किसान नियमानुसार पूर्व सूचना देकर शांतिपूर्ण धरना, रैली और आवश्यकता पड़ने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे।

किसानों ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री और अनुविभागीय अधिकारी को भी प्रतिलिपि भेजकर त्वरित तकनीकी कार्रवाई की मांग की है।



