*आयुर्वेद कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने के लिए हल्ला बोल स्वास्थ्य सेवाएं ठप*
बुरहानपुर :- मोहम्मदपुरा स्थित शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर कॉलेज परिसर में करीब 350 इंटर्न डॉक्टर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। डॉक्टरों के अचानक हड़ताल पर चले जाने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अस्पताल प्रशासन और जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
*धूप में बैठकर नारेबाजी प्रबंधन और सरकार के खिलाफ रोष*
बुधवार को कॉलेज परिसर में करीब 350 इंटर्न डॉक्टरों ने कड़ी धूप में बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने सरकार और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हड़ताली डॉक्टरों का कहना है कि वे अस्पताल में दिन-रात सेवाएं देते हैं, इसके बावजूद उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
*एमबीबीएस डॉक्टरों की तुलना में आधा भी नहीं मिल रहा स्टाइपेंड*
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि वर्तमान में उन्हें महज 9,383 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। वहीं, एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों को 21,500 रुपए प्रतिमाह मिलते हैं। छात्रों का तर्क है कि एमबीबीएस और आयुर्वेदिक दोनों ही चिकित्सा शिक्षा के विद्यार्थी हैं और इंटर्नशिप के दौरान अस्पताल में समान रूप से ड्यूटी निभाते हैं। ऐसे में स्टाइपेंड में इतना बड़ा अंतर पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।
*अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित मरीजों की बढ़ी मुश्किलें*
इंटर्न डॉक्टरों के काम बंद करने से अस्पताल की दैनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ा है। ओपीडी से लेकर वार्डों तक मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। शैक्षणिक गतिविधियां और कक्षाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन स्थिति को संभालने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है, जिससे मरीजों की मुसीबतें और बढ़ गई हैं।
*ज्ञापन को किया अनदेखा अब आर-पार की लड़ाई*
छात्रों ने बताया कि इससे पहले 5 अक्टूबर को उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया था। उन्हें उम्मीद थी कि प्रशासन इस पर ध्यान देगा, लेकिन उनकी मांगों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया। इसी से आहत होकर उन्होंने मजबूरी में अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाया है।
*महंगाई में 9,383 रूपए में गुजारा करना मुश्किल*
प्रदर्शनकारी छात्रों (सिंह) ने कहा कि वर्तमान में 9,383 रुपए के स्टाइपेंड में हर महीने के बुनियादी खर्चे पूरे करना भी मुश्किल हो गया है। महंगाई के इस दौर में रहने, खाने और पढ़ाई के खर्च इससे कहीं ज्यादा हैं। अन्य राज्यों में आयुर्वेदिक इंटर्न डॉक्टरों को बेहतर स्टाइपेंड दिया जाता है, जबकि मध्य प्रदेश में छात्रों का शोषण हो रहा है।
छात्रों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांग मानकर स्टाइपेंड 9,383 रुपए से बढ़ाकर 21,500 रुपए प्रतिमाह नहीं किया जाता, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन जारी रहेगा।




