*बुरहानपुर में बिजली कटौती व मनमाने बिलों से आक्रोशित किसान पहुंचे कलेक्ट्रेट, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन*

बुरहानपुर :- जिले में अघोषित विद्युत कटौती, कम वोल्टेज (लो-वोल्टेज) की समस्या और कृषि सिंचाई मोटर पंपों के विद्युत भार (लोड) में मनमाने बदलाव से परेशान किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को प्रगतिशील किसान संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा।
संगठन के अध्यक्ष रघुनाथ पाटिल ने किसानों का पक्ष रखते हुए बताया कि बुरहानपुर जिले के विद्युत उपभोक्ता किसान वर्षों पूर्व स्वीकृत लोड (HP/किलोवाट) के अनुसार नियमपूर्वक मोटर पंप लगाकर सिंचाई करते आ रहे हैं। पिछले कुछ महीनों से विद्युत उपकेंद्रों की लापरवाही और अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा उचित वोल्टेज न दिए जाने के कारण लगातार ट्रिपिंग हो रही है। लो-वोल्टेज की वजह से कई किसानों की महंगी विद्युत मोटरें जल चुकी हैं।
किसान संगठन ने आरोप लगाया कि जब किसान लो-वोल्टेज की शिकायत लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों के पास जाते हैं, तो अधिकारी अपनी कमी दूर करने के बजाय किसानों के खेतों पर जाकर मनमाने ढंग से चेकिंग करते हैं। बिना किसी पूर्व सूचना के किसानों पर अधिक लोड का फर्जी बिल थोप दिया जा रहा है, जिससे किसान अत्यधिक मानसिक व आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं।
*ज्ञापन में प्रमुख रूप से उठाई गई मांगें बिजली विभाग के ट्रांसफार्मर, केबल और पुरानी तारों की क्षमता जर्जर हो चुकी है। उपकेंद्रों पर उचित मेंटेनेंस न होने से लो-वोल्टेज की समस्या आ रही है। चेकिंग के नाम पर बढ़ाई गई राशि का किसान भुगतान नहीं करेंगे। किसान केवल अपने स्वीकृत लोड का ही नियमित बिल जमा करेंगे किसानों को पूर्व की भांति ही बिल दिए जाएं, ताकि वे समय पर भुगतान कर सकें।
रघुनाथ पाटिल ने कहा कि अन्य राज्यों में किसानों को मुफ्त बिजली व नहरी पानी की सुविधा मिल रही है, जबकि बुरहानपुर के किसान अग्रिम बिल देने और कर्जदार होने के बावजूद बिजली विभाग की तानाशाही सह रहे हैं। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसानों को स्वीकृत भार का ही बिल नहीं दिया गया और लो-वोल्टेज की समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुआ, तो किसान बढ़ा हुआ लोड बिल नहीं भरेंगे और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।



