*151 मीटर लंबी चुनरी यात्रा से गूंजा बुरहानपुर हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा, संत दादा गुरु की साधना रही मुख्य आकर्षण*

बुरहानपुर :- गुरुवार को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर बुरहानपुर में भाजपा नेता गजेंद्र दिनकर पाटिल के नेतृत्व में भव्य चुनरी यात्रा निकाली गई। क्षेत्र की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ शुरू हुई यह यात्रा शहर के गणपति नवदुर्गा मंदिर से शुरू होकर 23 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर इच्छापुर तक पहुंची। 151 मीटर लंबी इस चुनरी यात्रा का यह 12वां वर्ष था, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल में डुबो दिया।
*हेलीकॉप्टर से हुई फूलों की बारिश*
यात्रा के दौरान आसमान से अलौकिक दृश्य देखने को मिला, जब हेलीकॉप्टर के जरिए यात्रा पर पुष्पवर्षा की गई। सुबह 11 बजे रेणुका मंडी पहुंचे हेलीकॉप्टर ने दोपहर 1 बजे यात्रा स्थल के ऊपर पहुंचकर श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा की, जिसे देखने के लिए भारी जनसमूह उमड़ पड़ा।
*जीवंत झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं आकर्षण का केंद्र*
इस वर्ष की यात्रा में शामिल कलाकृतियों और झांकियों ने हर किसी का मन मोह लिया। यात्रा में मुख्य आकर्षण के रूप में 25 फीट ऊंचे महादेव और नंदी महाराज की विशाल प्रतिमाएं 8 फीट के उड़ते हुए हनुमान जी का जीवंत स्वरूप 8 फीट के भगवान नरसिंह का मनमोहक रूप शामिल रहा।
इसके अलावा, महाराष्ट्र की प्रसिद्ध पंढरपुर वारकरी मंडली, 51 ध्वजों से सुसज्जित विघ्नहर्ता पुनरी ढोल पथक और अमलनेर का श्रीकृष्ण बैंड ने अपनी प्रस्तुतियों से यात्रा में जोश और सांस्कृतिक ऊर्जा का संचार किया।
*पहली बार बुरहानपुर पधारे संत दादा गुरु*
इस आयोजन का सबसे विशेष आकर्षण संत दादा गुरु की उपस्थिति रही, जो पहली बार बुरहानपुर आए हैं। संत दादा गुरु इन दिनों 2100 दिनों की कठिन महाव्रत साधना कर रहे हैं और केवल नर्मदा जल पर जीवित हैं। उन्होंने नर्मदा नदी की 3,200 किलोमीटर की परिक्रमा तीन बार पूरी की है, जिनके दर्शन पाकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
*गणमान्य अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति*
इस धार्मिक अनुष्ठान में कई दिग्गज नेता और संतगण शामिल हुए। खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, नेपानगर विधायक मंजू दादू, बुरहानपुर महापौर माधुरी पटेल और संत दादा गुरु ने यात्रा की शोभा बढ़ाई।
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि यह चुनरी यात्रा प्रतिवर्ष क्षेत्र की प्रगति, शांति और समृद्धि के लिए निकाली जाती है। वहीं, आयोजक गजेंद्र पाटिल ने सफल आयोजन का श्रेय सभी के सामूहिक सहयोग को दिया और इसे भव्य स्वरूप मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस यात्रा ने एक बार फिर बुरहानपुर को आस्था के केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है।




