*बुरहानपुर 2 साल से फरार 10 हजार का इनामी हत्यारोपी मुंबई के हाजी अली दरगाह क्षेत्र से गिरफ्तार*

बुरहानपुर:- बुरहानपुर जिले के थाना शिकारपुरा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। हत्या के मामले में करीब दो वर्षों से फरार चल रहे 10 हजार के इनामी आरोपी शरीफउल्ला उर्फ लैला को पुलिस ने मुंबई से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की तलाश के लिए साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद ली जा रही थी।
*पुरानी रंजिश में दिया था घटना को अंजाम*
पुलिस के अनुसार, घटना 3 दिसंबर 2024 की है। फरियादी पुनीत पवार निवासी नया मोहल्ला अपने साथी अंकुश तायड़े के साथ घर के बाहर बातचीत कर रहा था। उसी दौरान मोमिनपुरा निवासी आरोपी शरीफउल्ला उर्फ लैला पिता कलीमउल्ला (34) वहां पहुंचा और पुरानी रंजिश को लेकर अंकुश तायड़े से गाली-गलौज करने लगा।
अंकुश द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने किसी धारदार व नुकीली वस्तु से उसके पेट पर प्राणघातक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अंकुश को तुरंत शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 10 दिसंबर 2024 को उसकी मृत्यु हो गई।
*बुरहानपुर एसपी ने घोषित किया था 10 हजार का इनाम*
घटना के बाद थाना शिकारपुरा में अपराध क्रमांक 477/2024 के तहत बीएनएस की धारा 296, 115(2), 351(3) और 103(1) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था। आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर द्वारा ₹10,000 के इनाम की घोषणा की गई थी।
*मुंबई के हाजी अली इलाके में छिपा था आरोपी*
एसपी आशुतोष बागरी के निर्देशन,ए एसपी प्रदीप शेण्डे एवं सीएसपी विनोद सिंह कुशवाह के मार्गदर्शन में शिकारपुरा थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप चौरसिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
तलाश के दौरान पुलिस को सटीक व विश्वसनीय सूचना मिली कि इनामी आरोपी मुंबई के हाजी अली दरगाह क्षेत्र के आसपास छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मुंबई के लिए रवाना हुई। वहां पहुंचकर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की और आरोपी को धर दबोचा। आरोपी को शिकारपुरा थाना लाकर पूछताछ के बाद विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है।
*पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका*
आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप चौरसिया, उपनिरीक्षक दिलीप सिंह, प्रधान आरक्षक गणेश पाटील, आरक्षक विनोद परिहार, दुर्गेश सोने, सत्यपाल, दुर्गेश पटेल तथा साइबर सेल के ललित चौहान व शक्ति सिंह की मुख्य एवं सराहनीय भूमिका रही।



