बुरहानपुर के गोराडिया में तेंदुए की दहशत मक्का की कटाई ठप फसल पकी फिर भी खेतों में जाने से कतरा रहे किसान
बुरहानपुर :- बुरहानपुर जिले की नावरा रेंज के अंतर्गत आने वाले ग्राम गोराडिया में पिछले करीब एक महीने से तेंदुए की लगातार आवाजाही बनी हुई है। तेंदुए की दहशत के कारण गांव में खौफ का माहौल है। स्थिति यह है कि किसान और मजदूर खेतों में जाने से साफ इनकार कर रहे हैं, जिससे खेतों में तैयार खड़ी मक्का की फसल की कटाई का काम पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
*चार बकरियों और दो कुत्तों को बनाया शिकार*
ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ अब तक चार बकरियों और दो कुत्तों को अपना शिकार बना चुका है। हाल ही में तेंदुए को गांव के बाहर स्थित प्राथमिक स्कूल के पास से खेतों की ओर जाते देखा गया। इसके बाद मक्का के खेत में तेंदुए के पंजों के ताजा निशान (पगमार्क) भी मिले हैं, जिससे ग्रामीणों में डर और बढ़ गया है।
*भीतरी खेतों में जाने से मजदूरों का साफ इनकार*
किसानों ने बताया कि सड़क किनारे वाले खेतों में तो फिर भी मजदूर जैसे-तैसे काम के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन अंदरूनी खेतों में जाने से वे पूरी तरह कतरा रहे हैं। फसल पूरी तरह पककर तैयार है, लेकिन तेंदुए के हमले के डर से किसान उसकी समय पर कटाई नहीं कर पा रहे हैं। अगर कटाई में और देरी हुई, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
*पुलियाओं के नीचे आराम करता है तेंदुआ*
वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, तेंदुआ आमतौर पर गांव के पास बनी पुलियाओं के नीचे आराम करता है और फिर आसपास के खेतों की ओर रुख कर लेता है। राहत की बात केवल यह है कि अभी तक तेंदुए ने किसी इंसान पर हमला नहीं किया है और न ही किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाया है।
*सुरक्षा में आठ वनकर्मी तैनात रात में फोड़े जा रहे पटाखे*
तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग सतर्क हो गया है। गांव और आसपास की निगरानी के लिए आठ कर्मचारियों की टीम तैनात की गई है, जिनमें चार वनरक्षक और चार चौकीदार शामिल हैं। यह टीम रात के समय गांव के आसपास मुस्तैदी से गश्त कर रही है। तेंदुए को रिहायशी इलाके और खेतों से दूर खदेड़ने के लिए पटाखे भी फोड़े जा रहे हैं। इसके साथ ही, वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले बाहर न निकलें, समूह में रहें और रात के समय अति आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें।
*अनुमति मिलते ही लगाया जाएगा पिंजरा*
नावरा रेंजर पुष्पेंद्र यादव ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू करने और पकड़ने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से पिंजरा लगाने की अनुमति मांगी गई थी। हालांकि, अभी तक अनुमति प्राप्त नहीं हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों से दोबारा पत्राचार और चर्चा की जा रही है। जैसे ही विभाग से औपचारिक अनुमति मिलेगी, गांव में तुरंत पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।




