*बुरहानपुर नगर निगम में प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद कांग्रेस ने दी कोर्ट जाने की चेतावनी*

बुरहानपुर :- नगर निगम की परिषद बैठक में लिए गए फैसलों को लेकर शहर की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता अजय सिंह रघुवंशी ने भारतीय जनता पार्टी और निगम प्रशासन पर पक्षपात तथा वादाखिलाफी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की प्रतिमा स्थापित किए बिना किसी अन्य प्रतिमा की स्थापना की गई, तो कांग्रेस इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।
अजय सिंह रघुवंशी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा स्थापना के भूमिपूजन समारोह का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि विगत परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि बुरहानपुर नगर में सभी स्वर्गीय महापौरों और देश की महान हस्तियों की प्रतिमाएं एक साथ सम्मानपूर्वक लगाई जाएंगी। लेकिन भाजपा शासन और निगम प्रशासन इस निर्णय को दरकिनार कर केवल अपनी पार्टी के नेताओं की प्रतिमाएं लगाने में जल्दबाजी दिखा रहा है। देश के लिए योगदान देने वाली महान हस्तियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों की अनदेखी की जा रही है।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के साथ ही कमल टॉकीज के सामने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की प्रतिमा का भी भूमिपूजन किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की नीयत में खोट है, इसी वजह से कार्यक्रम से मात्र 20 घंटे पहले आनन-फानन में भूमिपूजन के निमंत्रण कार्ड बांटे गए, ताकि विपक्ष को विरोध का अवसर न मिले।
निगम प्रशासन को चेतावनी देते हुए रघुवंशी ने कहा कि वर्ष 2014 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिमाओं की स्थापना को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों का अध्ययन भाजपा नेता और प्रशासनिक अधिकारी कर लें। यदि नियमों की अनदेखी कर एकतरफा कार्रवाई की गई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
इसके साथ ही उन्होंने बुरहानपुर नगर निगम को भाजपा का ‘अखाड़ा’ बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों को पार्टी का आयोजन बना दिया गया है, जहां जिलेभर के भाजपा नेताओं को तो आमंत्रित किया जाता है, लेकिन निगम के संवैधानिक पद पर बैठे अध्यक्ष तक का नाम नहीं लिया जाता। यह सीधे तौर पर संवैधानिक अधिकारों का हनन और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है।



