*बुरहानपुर इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर 3 लाख की लूट का फरार इनामी बदमाश देवास से गिरफ्तार*

बुरहानपुर :- जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय बुरहानपुर के अंतर्गत थाना निंबोला पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर हुई एक सनसनीखेज लूट की घटना में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी संतोष उर्फ बाबा को जिला देवास के बागली से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पूर्व में हत्या, डकैती और बलात्कार जैसे कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।
*क्या था पूरा मामला?*
प्रकरण के विवरण के अनुसार, यह घटना इसी वर्ष 7 मई 2026 की है। फरियादी अजय पिता बालू वास्कले ने थाना निंबोला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सुबह करीब 7:20 बजे जब वह अपनी आईशर गाड़ी से जा रहा था, तभी इंदौर-इच्छापुर हाईवे स्थित कटी घाटी के पास एक काले रंग की बिना नंबर की वर्ना कार में सवार चार बदमाशों ने उसकी गाड़ी को रोक लिया। बदमाशों ने गाड़ी की डिक्की में रखे 3 लाख रुपये नगद और अन्य जरूरी कागजात लूट लिए थे।
फरियादी की शिकायत पर थाना निंबोला में अपराध क्रमांक 141/2026 के तहत धारा 309(4) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर पुलिस ने त्वरित विवेचना शुरू कर दी थी।
*पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई*
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम लगातार अपराधियों की धरपकड़ में जुटी थी। इस प्रकरण में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है। हालांकि, घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी संतोष उर्फ बाबा पिता खुमसिंह डावर (उम्र 28 वर्ष, निवासी- ग्राम मेहंदीखेड़ा, थाना उदयनगर, जिला देवास) लगातार फरार चल रहा था और अपनी ठिकाने बदल रहा था।
बुरहानपुर पुलिस की विशेष टीम को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दिनांक 1.11.2026 को आरोपी संतोष उर्फ बाबा को देवास जिले के बागली क्षेत्र से दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके विरुद्ध पहले से ही हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती और बलात्कार जैसे संगीन अपराध पंजीबद्ध हैं। पुलिस ने औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया है।
*पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका*
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने में थाना प्रभारी उप निरीक्षक अजय सिंह चौहान के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम की अहम और सराहनीय भूमिका रही। इस टीम में प्रधान आरक्षक देवेंद्र पवार, प्रधान आरक्षक आनंद श्रीवास और आरक्षक मुकेश प्रजापति ने सराहनीय योगदान दिया।



