*बुरहानपुर के 145 स्कूलों में आयोजित हुई भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा, विद्यार्थियों में संस्कार और राष्ट्रप्रेम का संदेश*

बुरहानपुर :- अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में जिले के 145 विद्यालयों में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का भव्य आयोजन किया गया। गायत्री परिवार गोलोक धाम खड़कोद एवं गायत्री शक्तिपीठ के विशेष सहयोग से संपन्न हुई इस परीक्षा में कक्षा 5वीं से लेकर महाविद्यालय स्तर तक के विद्यार्थियों ने भारी उत्साह के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
*संस्कार और नैतिक मूल्यों का प्रसार*
पर्यावरण मित्र शिक्षक संजय राठौड़ ने इस पहल के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर नैतिक मूल्यों, संस्कारों और एक आदर्श व्यक्तित्व का निर्माण करना है। इस अनूठी परीक्षा के माध्यम से छात्र छात्राओं को योग, स्वास्थ्य, खेलकूद के साथ-साथ देश के महान महापुरुषों की जीवनगाथाओं और उनके प्रेरणादायी विचारों से परिचित कराया जाता है। इसके अलावा, यह परीक्षा हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और देश की महान विरासत का जीवंत ज्ञान कराकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है।
*राष्ट्रप्रेमी नागरिक तैयार करने की प्रेरणा*
गाइड और मार्गदर्शकों की भूमिका निभा रहे नारायण पाटिल ने कहा कि यह परीक्षा केवलता किताबी ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को चरित्रवान, संस्कारवान, शारीरिक रूप से स्वस्थ, जिम्मेदार और एक सच्चा राष्ट्रप्रेमी नागरिक बनाने की दिशा में एक बेहद प्रेरणादायी पहल है। आज के आधुनिक दौर में युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने के लिए ऐसे आयोजनों की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।

*प्रतिभागियों को मिलेगा विशेष सम्मान*
गायत्री परिवार के प्रमुख कार्यकर्ताओं मेघराज महाजन एवं मनोज तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बौद्धिक स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके तहत कक्षा स्तर के साथ-साथ जिला और राज्य स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को आगामी गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर विशेष पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, परीक्षा में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे, जो उनके भविष्य के पोर्टफोलियो में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस आयोजन की सफलता से बुरहानपुर जिले के विद्यार्थियों और शिक्षकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, और यह परीक्षा युवा पीढ़ी में संस्कारों की अलख जगाने का एक सशक्त माध्यम बन गई है।



