*ग्लोबल अस्पताल में फिर मिलीं खामियां न ICU और न डॉक्टर, भर्ती मरीजों की जान से खिलवाड़ मोबाइल पर सलाह लेकर इलाज कर रहे नर्सिंग ऑफिसर*

बुरहानपुर :- शहर के अंडा बाजार इलाके में स्थित ग्लोबल अस्पताल एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। रविवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखभाल के लिए कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, और नर्सिंग ऑफिसर मोबाइल पर डॉक्टर से बात करके मरीजों का इलाज कर रहे थे।
दरअसल, कुछ समय पहले हुई जांच के दौरान अस्पताल में कई बड़ी कमियां पाई गई थीं। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. आरके वर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए अस्पताल का रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस एक महीने के लिए अस्थायी रूप से निलंबित (बंद) कर दिया था। विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को इस अवधि के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुधारने और कमियों को दूर करने के निर्देश दिए थे।
*10 सितंबर को किया था कमियां पूरी होने का दावा*
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अस्पताल संचालक डॉ.आफाक उद्दीन ने 10 सितंबर को विभाग को पत्र लिखकर सूचित किया था कि अस्पताल प्रशासन ने सभी जरूरी सुधार कर लिए हैं। इसके बाद सीएमएचओ डॉ. आरके वर्मा ने जमीनी हकीकत परखने के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया।
इस जांच दल में खकनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र जामले, सारोला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ. नबील अहमद खान, सीएमएचओ कार्यालय के स्थापना शाखा प्रभारी योगेश गोस्वामी और बीईई गौरव श्रीवास को शामिल किया गया था। यह टीम रविवार दोपहर अचानक जांच के लिए अंडा बाजार स्थित ग्लोबल अस्पताल पहुंची।
*जांच में सामने आईं गंभीर लापरवाही*
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर (OT) तो बना हुआ है, लेकिन गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) गायब थी। इसके अलावा, निरीक्षण के समय अस्पताल में 4 मरीज भर्ती थे, लेकिन उनकी देखरेख के लिए एक भी डॉक्टर मौके पर उपस्थित नहीं था।
अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर भूषण बोरनार से जब इस संबंध में पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि वे फोन पर डॉक्टरों से सलाह लेकर मरीजों का इलाज और दवाइयां दे रहे हैं।
टीम की जांच में यह भी सामने आया कि लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद अस्पताल में पैथोलॉजी लैब चालू पाई गई। साथ ही, मौके पर एक बीडीएस (डेंटल) डॉक्टर भी उपस्थित मिले, जिनके पास डेंटल मशीनें स्थापित थीं।
*संचालक के दावे पर उठे सवाल, विभाग बनाएगा रिपोर्ट*
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर ही पूरी स्थिति का पंचनामा तैयार किया। जांच के बाद टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट सीएमएचओ डॉ. आरके वर्मा को सौंपेगी, जिसके आधार पर अस्पताल के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
दूसरी ओर, अस्पताल संचालक डॉ. आफाक उद्दीन का दावा है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम की जांच में कोई नई कमी नहीं मिली है और पहले की सभी खामियों को पूरा कर लिया गया है। हालांकि, निरीक्षण में जो तथ्य सामने आए हैं, वे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अस्पताल पर क्या सख्त कदम उठाता है।



