*बुरहानपुर उर्दू माध्यम के स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों और शिक्षकों की भारी कमी से छात्रों का भविष्य दांव पर, संघ ने कलेक्टर से की हस्तक्षेप की मांग*

बुरहानपुर :- अखिल भारतीय उर्दू शिक्षक संघ ने जिले में उर्दू माध्यम के शासकीय विद्यालयों की लचर व्यवस्था और छात्रों की पढ़ाई में आ रही बाधाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। संघ के मध्य प्रदेश सलाहकार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित और राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशफाक खान ने बुरहानपुर कलेक्टर विवेक कुमार से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन के माध्यम से बताया गया है कि जिले में कक्षा 1 से 12वीं तक संचालित उर्दू माध्यम की शालाओं जिनमें 6 हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं में हजारों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के सभी छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें मिलनी चाहिए। लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल के पत्रों के बावजूद, आधा सत्र बीत जाने के बाद भी उर्दू माध्यम की पुस्तकें छात्रों को उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। निर्देशों के तहत विमर्श पोर्टल या एनसीईआरटी साइट से प्रिंटआउट फोटोकॉपी कराकर पुस्तकें बांटने का प्रावधान है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा है।
इसके अलावा, स्कूलों में गंभीर शिक्षक संकट भी बना हुआ है। खैराती बाजार और बहादुरपुर स्थित शासकीय उर्दू हायर सेकेंडरी स्कूलों में ऐसे शिक्षकों को पदस्थ किया गया है जिन्हें उर्दू भाषा का ज्ञान ही नहीं है। भौतिकी और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों में मराठी या अन्य माध्यम के शिक्षकों के होने से विद्यार्थियों को समझने में भारी परेशानी आ रही है।
जिला अध्यक्ष शाकिर मीर सहित संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि छात्रहित में तत्काल प्रभाव से पाठ्यपुस्तकों का वितरण सुनिश्चित किया जाए और अयोग्य शिक्षकों को हिंदी माध्यम के स्कूलों में स्थानांतरित कर उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि बच्चों का भविष्य बर्बाद होने से बचाया जा सके।



