*बुरहानपुर नगर निगम ने लॉटरी सिस्टम से किए 71 पटाखा भूखंड आवंटित, निगम को मिला 14.20 लाख का राजस्व*

बुरहानपुर :- दीपावली के पावन पर्व को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से नगर निगम बुरहानपुर द्वारा इस वर्ष पटाखा व्यवसायियों के लिए अस्थायी भूखंडों का आवंटन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया। मंगलवार, 27 अक्टूबर को रेणुका माता मंदिर प्रांगण स्थित दशहरा मैदान पर लॉटरी सिस्टम के माध्यम से 71 अस्थायी पटाखा दुकानों का आवंटन संपन्न हुआ, जिससे नगर निगम को 14 लाख 20 हजार रुपए की राजस्व आय प्राप्त हुई है।
त्योहार के दौरान सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक नियमों को लेकर इस बार निगम ने विशेष सख्ती बरती है। निगम स्वामित्व की इस भूमि पर 30 अक्टूबर 2026 से 10 नवंबर 2026 तक लगने वाली इन पटाखा दुकानों के लिए कुल 71 लाइसेंसधारियों से आवेदन प्राप्त हुए थे। मंगलवार शाम 5:30 बजे तक चली इस प्रक्रिया में सभी आवेदकों को टोकन सिस्टम के जरिए 10×10 फीट के आकार के भूखंड ले-आउड डालकर आवंटित किए गए।
*सुरक्षा और स्वच्छता पर रहा विशेष जोर*
सहायक आयुक्त स्वर्णिका वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि आवंटन के दौरान दुकानदारों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे परिसर में प्लास्टिक का बिल्कुल उपयोग न करें, क्योंकि शहर में प्लास्टिक प्रतिबंधित है। इसके अलावा, प्रत्येक दुकानदार के लिए अपनी दुकान पर डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से हर दुकान पर अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) रखना और टेंट की उचित व्यवस्था करना भी आवश्यक किया गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए नगर पालिका की फायर ब्रिगेड भी मौके पर मौजूद रहेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित स्थल (दशहरा मैदान) के अलावा शहर में अन्य किसी भी स्थान पर पटाखा दुकानें लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, बिना लाइसेंस के पटाखे बेचने वालों के सामान और पटाखे जब्त कर लिए जाएंगे।
इस पूरी आवंटन प्रक्रिया के दौरान सहायक आयुक्त स्वर्णिका वर्मा, एमआईसी चेयरमैन नितेश रोशन दलाल, राजस्व अधिकारी शशिकांत पवित्रे, इंजीनियर सौरव वर्मा सहित अनुज तारे, सुरेश यादव, योगेश्वर पाटिल, इस्माइल खान, सुशील आवटे, निहाल गायकवाड़ और अनिता पहाड़िया सहित कई अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। निगम की इस पारदर्शी व्यवस्था से व्यापारियों में उत्साह देखा गया और त्योहारी सीजन में सुचारू बाजार व्यवस्था की उम्मीद बंध गई है।



