*बुरहानपुर मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर आप का उग्र प्रदर्शन चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर इस्तीफे और आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग*
बुरहानपुर :- बुरहानपुर जिले में सोमवार को शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख माने जाने वाले जय स्तंभ चौराहे पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक उग्र और जोरदार प्रदर्शन किया। ‘आप’ युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अब्दुल वसीम के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे पूरे इलाके में कुछ देर के लिए सनसनी फैल गई।
*मतदाता सूची में गड़बड़ी का गंभीर आरोप*
आम आदमी पार्टी का मुख्य और सबसे गंभीर आरोप है कि आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि में चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर मनमानी और धांधली की गई है। पार्टी का स्पष्ट तौर पर कहना है कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से कई वैध और पुराने मतदाताओं के नाम चुपचाप सूची से हटा दिए गए हैं। इस प्रशासनिक लापरवाही या कथित साजिश के चलते हजारों की संख्या में आम नागरिक अपने सबसे बड़े लोकतांत्रिक अधिकार यानी मताधिकार से वंचित हो चुके हैं।
*प्रदर्शन और कार्यकर्ताओं का आक्रोश*
जय स्तंभ चौराहे पर आप’ कार्यकर्ताओं ने सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रीढ़ स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होते हैं, लेकिन जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली ही संदेह के घेरे में आ जाए, तो आम जनता का तंत्र से भरोसा उठने लगता है। नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची जैसे संवेदनशील और पवित्र दस्तावेज में इस तरह की भारी गड़बड़ियां किसी बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा करती हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
*जिलाध्यक्ष अब्दुल वसीम के तीखे तेवर और मांगें*
युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अब्दुल वसीम ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बेहद कड़े शब्दों में प्रशासन और चुनाव आयोग को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि वैध मतदाताओं के नाम काटना सीधे तौर पर जनता के मौलिक और लोकतांत्रिक अधिकारों पर एक नग्न प्रहार है। अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से रखते हुए अब्दुल वसीम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस गंभीर प्रशासनिक विफलता और पक्षपातपूर्ण रवैये के नैतिक आधार पर तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण की वर्तमान एसआईआर प्रक्रिया में पारदार्शिता का अभाव है, इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रद्द किया जाए। इस बड़ी गड़बड़ी और जनता के अधिकारों के हनन के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ संगीन धाराओं में आपराधिक मुकदमा (क्रिमिनल केस) दर्ज किया जाना चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि इस पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया को तुरंत वापस नहीं लिया गया और सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो पार्टी आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश स्तर पर और अधिक उग्र एवं व्यापक आंदोलन करने के लिए पूरी तरह बाध्य होगी। ‘आप’ के इस आक्रामक तेवर के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल और सुगबुगाहट काफी तेज हो गई है

*नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता*

*चुनाव आयुक्त का पुतला दहन*



