*भावसा डेम के गेट बंद करने की मांग पंचकोशी के ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन गर्मियों में गहरा सकता है पानी का संकट*

बुरहानपुर :- कम बारिश और जल संकट की आशंका के बीच अब ग्रामीण पानी बचाने के लिए खुलकर सामने आने लगे हैं जिले के अंतर्गत आने वाले पंचकोशी क्षेत्र के ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर एक ज्ञापन कलेक्टर के नाम सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की है कि भावसा डेम के खुले गेटों को तुरंत बंद किया जाए, ताकि आने वाले गर्मियों के दिनों में पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी सुरक्षित रखा जा सके।
सोमवार को पंचकोशी क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीण अपनी गंभीर समस्या को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि इस साल मानसूनी सीजन में क्षेत्र में बारिश काफी कम हुई है, जिसके कारण जल स्रोतों में पानी का स्तर पहले ही काफी नीचे चला गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि भावसा डेम इस पूरे क्षेत्र के लिए जीवनरेखा की तरह है। इस डेम के पानी से आसपास के कई गांवों में सिंचाई की जाती है, जिससे किसानों की फसलें लहलहाती हैं। इसके साथ ही, ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की आपूर्ति का मुख्य जरिया भी यही डेम है। वर्तमान में डेम से हो रही पानी की निकासी यदि जल्द नहीं रोकी गई, तो आने वाले दो महीनों के भीतर यानी गर्मियों के दिनों में पूरे पंचकोशी क्षेत्र में पानी का विकराल संकट खड़ा हो जाएगा।
*किसानों और ग्रामीणों की चिंता*
किसानों का तर्क है कि यदि अभी पानी को संरक्षित नहीं किया गया, तो रबी सीजन की फसलों को बचाना असंभव हो जाएगा। साथ ही, मवेशियों और इंसानों के लिए पीने के पानी की भारी किल्लत पैदा हो जाएगी, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित होगा।
*प्रशासन से गुहार*
ज्ञापन के माध्यम से समस्त पंचकोशी ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से विनम्र निवेदन किया है कि वे इस संवेदनशील मामले पर तुरंत संज्ञान लें। ग्रामीणों ने मांग की है कि भावसा डेम से हो रही अतिरिक्त पानी की निकासी को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और डेम के गेट बंद किए जाएं, ताकि आने वाले ग्रीष्मकाल के लिए पानी का पर्याप्त संचय किया जा सके।



