बुरहानपुर

*बुरहानपुर भाजपा महापौर माधुरी अतुल पटेल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर बोला तीखा हमला*

*SIR प्रक्रिया पर तीनों चुनाव आयुक्तों का फैसला सर्वसम्मति से हुआ, कांग्रेस फैला रही है भ्रम*

बुरहानपुर :- सोमवार को बुरहानपुर नगर निगम की महापौर माधुरी अतुल पटेल ने भाजपा कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। महापौर ने कहा कि पिछले कुछ समय से कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग,( SIR )स्पेशल इंटेंसिव रिविजन और मतदाता सूची को लेकर गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगा रही है। इसका मकसद देश की जनता के मन में लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति भ्रम और अविश्वास पैदा करना है।

*चुनाव आयोग का स्पष्ट रुख*
महापौर ने बताया कि 26 सितंबर को चुनाव आयोग की एक अहम बैठक हुई थी। इसमें तीनों चुनाव आयुक्तों ने मिलकर साफ कर दिया है कि देशभर में चल रही SIR प्रक्रिया किसी एक व्यक्ति का फैसला नहीं है, बल्कि यह मुख्य चुनाव आयोग और दोनों चुनाव आयुक्तों का सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय है। जब खुद देश की संवैधानिक संस्था ने स्थिति स्पष्ट कर दी है, तब भी राहुल गांधी इस मुद्दे पर भ्रम क्यों फैला रहे हैं?

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जिस मीडिया रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए थे, आयोग की सफाई के बाद उस रिपोर्ट की सच्चाई पर ही बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। राजनीतिक दलों से यह उम्मीद की जाती है कि वे किसी भी संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाने से पहले सभी तथ्यों की अच्छी तरह जांच-पढ़ाख कर लें। सिर्फ एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ माहौल बनाना बिल्कुल सही नहीं है।

*फॉर्म-6 और प्रशासनिक पत्र पर सफाई*
SIR के तहत ‘फॉर्म-6’ से जुड़े डिक्लेरेशन पर भी सवाल उठाए गए थे। इस पर महापौर ने याद दिलाया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट 27 मई 2026 को ही इस डिक्लेरेशन को पूरी तरह वैध ठहरा चुका है। ऐसे में फॉर्म-6 में मनमाने बदलाव का आरोप किस आधार पर लगाया जा रहा है? जब देश की सबसे बड़ी अदालत का फैसला सामने है, तो राजनीतिक बयानों के बजाय न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान होना चाहिए। कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे गए एक पत्र को भी SIR से जोड़कर पेश किया गया, जबकि चुनाव आयोग साफ कर चुका है कि वह पत्र किसी नीति से नहीं बल्कि एक अधिकारी के आंतरिक प्रशासनिक ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ा था।

*कांग्रेस से पांच तीखे सवाल*
प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में महापौर माधुरी अतुल पटेल ने कांग्रेस और राहुल गांधी के सामने पांच सीधे सवाल रखे जब चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि फैसला सर्वसम्मति से हुआ है तो राहुल गांधी अब भी अपने आरोपों पर क्यों कायम हैं? *फॉर्म-6 पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद क्या कांग्रेस अदालत के निर्णय को मानती है?*

*क्या केवल मीडिया रिपोर्ट के आधार पर संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना सही है?*
*क्या कांग्रेस को देश की चुनाव जैसी संस्थाओं पर भरोसा है या नहीं?*
*क्या राहुल गांधी अपने पहले के बयानों और आरोपों पर देश के सामने पुनर्विचार करेंगे?*

महापौर ने अंत में कहा कि चुनाव जनता के बीच जाकर उनकी सेवा करने और अपनी नीतियों से जीते जाते हैं, न कि संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद सवाल उठाकर जनता के मन में शक पैदा करने से।

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