बुरहानपुर

*जनसुनवाई में कलेक्टर की संवेदनशील पहल समस्या का समाधान न हो तो सीधे मुझे कॉल करें—कलेक्टर विवेक कुमार*

बुरहानपुर:- मध्य प्रदेश के जिलों में सुशासन और आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में एक बेहद सकारात्मक और संवेदनशील तस्वीर सामने आई है। बुरहानपुर कलेक्टर ने जनसुनवाई के दौरान न सिर्फ आवेदकों की समस्याएं सुनीं, बल्कि उन्हें अपना पर्सनल मोबाइल नंबर देकर सीधा संवाद भी स्थापित किया। हमारी इस खास रिपोर्ट में देखिए प्रशासन की इस अनूठी और मानवीय पहल का पूरा हाल।

शासन के निर्देश पर हर मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई नागरिकों के लिए उम्मीद की एक बड़ी किरण होती है। इसी कड़ी में, नवागत कलेक्टर विवेक कुमार ने अपनी पहली जनसुनवाई के दौरान संवेदनशीलता और आत्मीयता की अनूठी मिसाल पेश की। संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित इस जनसुनवाई में करीब 105 से अधिक आवेदनों पर सुनवाई की गई।

जनसुनवाई के दौरान एक आवेदक दयाशंकर और उनकी पत्नी अपनी समस्या लेकर पहुंचे। कलेक्टर विवेक कुमार ने उनकी बात को बेहद गंभीरता से सुना और उन्हें अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर देते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या का जल्द समाधान होगा। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि तय समय पर निराकरण न हो, तो वे सीधे उनके पर्सनल नंबर पर कॉल कर सकते हैं।

प्रशासन की इस मानवीय सोच का एक और खूबसूरत पहलू तब देखने को मिला, जब आवास संबंधी समस्या लेकर आईं आवेदिका रुखडीबाई को कलेक्टर ने अपने पास समीप बैठाकर आत्मीयता से उनकी बात सुनी। इतना ही नहीं, कलेक्टर ने पंजीयन काउंटर का निरीक्षण कर वहां मौजूद एक दिव्यांग आवेदक से उसकी पारिवारिक स्थिति और समस्याओं पर चर्चा की तथा अधिकारियों को तुरंत आवश्यक निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान रास्ता विवाद, कब्जा, अतिक्रमण, साफ-सफाई, राशन, बिजली और शिक्षा समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें आईं। कलेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर आवेदन का नियमानुसार और समयबद्ध निराकरण होना चाहिए। साथ ही, शाहपुर क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं पर सीएमओ और एसडीएम को समन्वय कर त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया।

इस दौरान जिला पंचायत सीईओ और अपर कलेक्टर सृजन वर्मा सहित तमाम प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर विवेक कुमार की यह पहल यह साबित करती है कि यदि प्रशासनिक अफसर संवेदनशीलता के साथ जनता के बीच आएं, तो आम आदमी का सिस्टम पर भरोसा और अधिक मजबूत होता है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button