*बुरहानपुर भावसा सिंचाई परियोजना के डूब प्रभावित 76 किसान परिवारों की जमीन 3 गुना अतिरिक्त मुआवजे या एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग*
बुरहानपुर :- मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्राम चौंडी से आए भावसा मध्यम सिंचाई परियोजना के डूब प्रभावित किसानों ने भारी संख्या में पहुंचकर अपनी मांगें बुलंद कीं। किसानों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर पूर्व में आवंटित मुआवजे की राशि को अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाने और अन्य राहत सुविधाएं देने की गुहार लगाई है।
*2021 में मिला था काफी कम मुआवजा*
किसानों के अनुसार, क्षेत्र में निर्माणाधीन भावसा मध्यम सिंचाई परियोजना के अंतर्गत बनाए जाने वाले बांध में ग्राम चौंडी के लगभग 76 काश्तकारों की कृषि भूमि डूब क्षेत्र में आ चुकी है। प्रभावित किसानों ने बताया कि उन्हें इस भूमि अधिग्रहण के बदले वर्ष 2021 में मुआवजा राशि प्रदान की गई थी, लेकिन वह राशि भूमि के वास्तविक मूल्य की तुलना में बेहद मामूली थी। मात्र 1 गुना मुआवजा मिलने के कारण किसान परिवार आज आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं और उनके सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
*मुख्यमंत्री की घोषणा का दिया हवाला*
ज्ञापन में किसानों ने राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा वन ग्रामों की कृषि भूमि धारकों के लिए की गई घोषणा का प्रमुखता से उल्लेख किया। किसानों ने अधिकारियों को याद दिलाया कि शासन की नीति के अनुसार वन ग्राम की कृषि भूमि अधिग्रहीत करने पर किसानों को 4 गुना मुआवजा राशि दिए जाने का प्रावधान/घोषणा है।
काश्तकारों का तर्क है कि चूंकि उन्हें पूर्व में केवल 1 गुना मुआवजा ही दिया गया था, इसलिए अब शेष 3 गुना अतिरिक्त मुआवजा राशि तुरंत जारी की जानी चाहिए ताकि वे अपने जीवनयापन और आजीविका की पुनर्व्यवस्था कर सकें।
*सरकारी नौकरी देने की भी रखी मांग*
जनसुनवाई में पहुंचे प्रभावित परिवारों ने साफ तौर पर कहा कि यदि शासन-प्रशासन की ओर से बकाया 3 गुना मुआवजा राशि प्रदान नहीं की जाती है, तो राज्य सरकार प्रत्येक डूब प्रभावित परिवार के कम से कम एक सदस्य को शासकीय नौकरी प्रदान करे।
सभी 76 आवेदक काश्तकारों ने ज्ञापन के माध्यम से बुरहानपुर जिला प्रशासन से निवेदन किया है कि उनकी पीड़ा को ध्यान में रखते हुए बकाया मुआवजे के त्वरित भुगतान या शासकीय सेवा में समायोजन के निर्देश जारी किए जाएं। अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए संबंधित विभाग से जांच कराकर नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।



