ताप्ती नदी के सतीयारा घाट पर तीन दिवसीय बालाजी मेले का शुभारंभ

बुरहानपुर :- ताप्ती नदी के सतीयारा घाट पर आज, गुरुवार 22 अक्टूबर से भगवान बड़े बालाजी महाराज के तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर भगवान बालाजी महाराज शाम 6 बजे मंदिर से प्रस्थान कर सतीयारा घाट पहुंचेंगे। यहां ताप्ती नदी के तट पर भक्तों द्वारा दीपदान कर श्री जी का स्वागत किया जाएगा। गुरुवार को मेले के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान बालाजी महाराज के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।
बड़े बालाजी मंदिर संस्थान के आशीष भगत एवं मुख्य पुजारी मोहन बालाजी वाले ने बताया कि गुरुवार रात्रि 8 बजे भगवान बालाजी महाराज सतीयारा घाट स्थित सखाराम महाराज जी की समाधि स्थल के सामने अस्थाई मंदिर के पंडाल में पहुंचेंगे। यहां 21 ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार के बीच ताप्ती नदी के पवित्र जल से भगवान का विधि विधान से कुंभाभिषेक किया जाएगा। कुंभाभिषेक के पश्चात भगवान बालाजी महाराज अपने भक्तों के साथ ताप्ती नदी में तीन डुबकी लगाएंगे। इसके बाद भगवान अपने अस्थाई पंडाल में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। रात्रि 12 बजे तक श्रद्धालु भगवान के दर्शन का लाभ ले सकेंगे, जिसके बाद पंडाल के पट बंद कर दिए जाएंगे।
*भक्त लगाएगी बालाजी महाराज को दराबे का भोग*
दरावा भगवान बालाजी महाराज का विशेष प्रसाद है। इसलिए सभी भक्तगण भगवान बालाजी महाराज के दर्शन के साथ-साथ भगवान को दराबे और चुड़वे का भोग लगाने लाते हैं और अपने परिवार के संग ताप्ती नदी के किनारे उस दरावे प्रसाद का आनंद लेंते है। अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर सभी भक्त भगवान बालाजी महाराज को अपने प्रिय प्रसाद दराबे का भोग लगाते है।
*शुक्रवार को दोपहर 11:30 बजे अभिषेक*
मुख्य पुजारी मोहन बालाजी वाले एवं बड़े बालाजी मंदिर संस्थान के आशीष भगत ने बताया कि शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे भगवान बालाजी महाराज का अभिषेक किया जाएगा। अभिषेक के पश्चात भगवान की प्रतिमा को ताप्ती नदी में तीन डुबकी लगवाई जाएगी। इसके बाद भगवान बालाजी महाराज अस्थाई पंडाल में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। शुक्रवार रात्रि 12 बजे तक भक्तों को श्रीजी के दर्शन का लाभ मिलेगा। इस दौरान सतीयारा घाट पर मेला भी लगा रहेगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
ताप्ती नदी के सतीयारा घाट पर आयोजित यह ऐतिहासिक मेला श्रद्धालुओं की आस्था और परंपरा का प्रमुख केंद्र है। तीन दिवसीय मेले में भगवान बालाजी महाराज के दर्शन, पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है।



