*बुरहानपुर को मिली बड़ी सौगात जिला अस्पताल में शुरू हुई 2D इको मशीन की सुविधा, नवजात शिशुओं की हृदय जांच होगी आसान*

बुरहानपुर :- बुरहानपुर जिला अस्पताल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (SNCU) में अब दिल की बीमारी से जूझ रहे नवजात शिशुओं और बच्चों का इलाज और आसान हो जाएगा। पूर्व कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक अर्चना चिटनिस के विशेष प्रयासों से जिला अस्पताल को अत्याधुनिक 2D इको (2D Echo) मशीन की सौगात मिली है। इस सुविधा के शुरू होने से जन्मजात हृदय रोग और अन्य जटिलताओं से ग्रस्त बच्चों की समय पर सटीक जांच हो सकेगी, जिससे सही इलाज तय करने में डॉक्टरों को बड़ी मदद मिलेगी।
*इंदौर-जलगांव के चक्करों से मिलेगी मुक्ति*
अब तक बुरहानपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के गंभीर नवजात शिशुओं को दिल की जांच के लिए इंदौर या महाराष्ट्र के जलगांव जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। इसमें परिजनों का न केवल काफी समय बर्बाद होता था, बल्कि आर्थिक बोझ भी पड़ता था। कई बार आपातकालीन स्थिति में सफर के दौरान बच्चों की जान का जोखिम भी बना रहता था। जिला अस्पताल में ही 2D इको मशीन की उपलब्धता से स्थानीय स्तर पर जांच संभव होगी, जिससे परिजनों के पैसे और समय दोनों की बचत होगी।
*मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का जताया आभार*
विधायक अर्चना चिटनिस बुरहानपुर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और जिला अस्पताल के आधुनिकीकरण के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल तथा स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर इस मशीन की स्वीकृति कराई। मशीन उपलब्ध होने पर श्रीमती चिटनिस ने राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
विधायक अर्चना चिटनिस ने कहा कि बुरहानपुर के नागरिकों को उनके शहर में ही बेहतर और आधुनिक इलाज की सुविधाएं दिलाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेष रूप से नवजात शिशुओं और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि SNCU में 2D इको मशीन लगने से गंभीर नवजात बच्चों के हृदय की संरचना और उसकी कार्यप्रणाली की सटीक जानकारी मिल सकेगी। यदि किसी बच्चे को उच्च स्तरीय इलाज की आवश्यकता होगी, तो प्रारंभिक जांच के आधार पर उसे बिना समय गंवाए विशेषज्ञ अस्पतालों में रेफर किया जा सकेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि बुरहानपुर जिला अस्पताल को एक सर्वसुविधायुक्त और मॉडल अस्पताल बनाने के लिए आगे भी प्रयास जारी रहेंगे।




