परिवारवाद पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करना लोकतंत्र पर प्रहार- रिंकू टांक

- देश में नहीं चलने देंगे एक देश दो कानून की हिटलर शाही
- सड़क से संसद तक लड़ेंगे लड़ाई
बुरहानपुर . राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करना लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है। यह केवल एक उम्मीदवार के साथ अन्याय नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया, निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक मूल्यों पर गंभीर प्रहार करार दिया। कांग्रेस सड़क से संसद तक आवाज उठाएंगी। यह बात कांग्रेस कमेटी जिला अध्यक्ष शहर रिंकू टांक ने जिला स्तर पर आयोजित पत्रकारवार्ता में कहीं।
उन्होंने कहा कि एक परिवारवाद पर नामांकन निरस्त करना लोकतंत्र की हत्या करना है । जिस प्रकार की आपत्तियों और व्याख्याओं के आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया गया, उसने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। जिसको लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस महासचिव एवं मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी सहित कांग्रेस नेतृत्व ने लगातार सवाल किया है कि क्या चुनावी प्रक्रिया कानून के अनुरूप चलेगी या राजनीतिक दबाव में। कांग्रेस ने तर्क दिया कि जिसे निजी परिवाद (निजी कंप्लेंट) बताया गया है, उसमें मीनाक्षी नटराजन को अभियुक्त नहीं, बल्कि प्रतिवादी के रूप में दर्शाया गया है।
*नामांकन में परिवार का उल्लेख करना जरूरी नहीं*
कांग्रेस जिला प्रभारी ग्यारसीलाल रावत ने कहा कि प्रतिवादी औरट अभियुक्त की स्थिति कानूनी प्रश्न उत्पन्न करती है। पार्टी का कहना है कि नामांकन निरस्त करने का कारण कानून के प्रावधानों और उनकी व्याख्या से मेल नहीं खाता। कांग्रेस ने यह भी कहा कि यदि किसी उम्मीदवार का नामांकन ऐसे आधारों पर निरस्त किया जाता है, जिनकी स्पष्ट अपेक्षा नामांकन प्रपत्र में नहीं है, तो यह भविष्य में अनिश्चितता और मनमानी पैदा कर सकता है। पार्टी ने जोर दिया कि लोकतंत्र की आत्मा प्रतिस्पर्धी और निष्पक्ष चुनाव में निहित है। यदि विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को तकनीकी और विवादित आधारों पर चुनावी मैदान से बाहर किया जाए, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर आघात पहुंचता है।
*एक देश में दो कानून नहीं चलेंगे*
कांग्रेस के पूर्व महासचिव अजय सिंह रघुवंशी ने कहा कि भाजपा के उम्मीदवारों को नामांकन में सुधार का मौका दिया जाता है, जबकि कांग्रेस उम्मीदवारों का नामांकन खारिज कर दिया जाता है,यह हिटलर शाही सरकार एक देश में दो कानून चल रही है, लेकिन कांग्रेस जैसा नहीं करने देगी।
*निष्पक्ष होकर काम करें चुनाव आयोग*
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक हमीद काजी ने कहां की लोकतंत्र केवल मतदान प्रक्रिया का नाम नहीं, बल्कि सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर और निष्पक्ष व्यवहार मिलना है।
*जारी रहेगी कांग्रेस का संघर्ष*
कांग्रेस मीडिया प्रभारी तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने कहा कि चुनाव आयोग को जगाने के साथ लोकतंत्र की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान, कांग्रेस जिला प्रभारी ग्यारसीलाल रावत ,कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष रिंकू टॉक, प्रदेश उपाध्यक्ष हमीद काजी, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा भैया, पूर्व प्रदेश महासचिव अजय रघुवंशी, निगम अध्यक्ष अनीता अमर यादव ,ब्लॉक अध्यक्ष वाजिद इकबाल,कांग्रेस नेता सलीम कॉटनवाला, अकील आलिया, उपसभापति फहीम हाशमी, मीडिया प्रभारी तफ्फजुल हुसैन मुलायम वाला ,आशीष भगत, दीपक जंगाले सहित कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



