मानसिक स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य विभाग, समाजसेवी संस्थाएं और आस्था चिकित्सक आए एक मंच पर

बुरहानपुर। जिला चिकित्सालय, बुरहानपुर के मनकक्ष विभाग द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन-सह-अधीक्षक के मार्गदर्शन में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाजसेवी संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों, शासकीय एवं अशासकीय संगठनों, आस्था चिकित्सकों, निजी मनोविशेषज्ञों एवं क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट के समन्वय से “दवा से दुआ तक” की अवधारणा को साकार करते हुए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता का व्यापक प्रचार-प्रसार करना, समय पर उपचार के लिए प्रेरित करना तथा आत्महत्या रोकथाम एवं नशामुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम में मानसिक रोगों से जुड़ी भ्रांतियों एवं अंधविश्वास दूर करने, नशे के दुष्प्रभावों से बचाव, समय पर उपचार के महत्व, टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 एवं मनहित ऐप की जानकारी दी गई तथा जागरूकता सामग्री का वितरण किया गया।
आरएमओ डॉ. भूपेंद्र गौर ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाजसेवी संस्थाओं एवं आस्था चिकित्सकों के बीच सतत समन्वय आवश्यक है। मनकक्ष प्रभारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. नयन मालवीय ने कहा कि आस्था चिकित्सक लोगों को समय पर उपचार तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जन जागृति संस्था के संरक्षक एवं संस्थापक महेंद्र जैन ने नशामुक्त भारत पर अपने विचार रखते हुए सभी को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया। डॉ. किरण सिंह, डॉ. मेघा भिड़े, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट श्रीमती मालविका डांगीवाला एवं राजेश धुर्वेकर ने भी मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में डॉ. भूपेंद्र गौर, डॉ. नयन मालवीय, डॉ. मेघा भिड़े, श्रीमती मालविका डांगीवाला, एफिकोर संस्था प्रमुख विवेक खंडारे, महेंद्र जैन, डॉ. किरण सिंह, राजेश धुर्वेकर, नर्सिंग ऑफिसर सीमा डेविड, विनीता खातरकर, विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, ग्रामीण क्षेत्र के आस्था चिकित्सक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा समन्वित प्रयासों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।



