दारुस्सुरूर एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी के दस वर्षीय जश्न-ए-तक़मील का भव्य आयोजन

विशिष्ट हस्तियों को “हज़रत सादी दक्कनी बुरहानपुरी अवार्ड” से सम्मानित किया गया
बुरहानपुर : दारुस्सुरूर एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी, बुरहानपुर के दस वर्षीय जश्न-ए-तक़मील के अवसर पर अब्दुर्रहमान हॉल, अंसार नगर में 21 जून शनिवार को एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें शहर की शैक्षणिक, साहित्यिक, सामाजिक और धार्मिक हस्तियों ने भाग लिया।
सोसायटी द्वारा आयोजित हिजामा कैंप, बुरहानपुर हेरिटेज वॉक, “कारवां-ए-अक़ीदत”, निबंध लेखन प्रतियोगिता तथा अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र, सम्मान एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक काज़ी हमीदुद्दीन ने की, जबकि संचालन ज़मीर अत्हर और इमरान अंसारी ने किया।
इस अवसर पर डॉ. अब्दुल करीम सालार (जलगांव), फिरोज कमाल (जबलपुर), मुशीर अहमद अंसारी (मुंबई), प्रो. अब्दुल मजीद सिद्दीकी (मालेगाँव), एडवोकेट अब्दुल अज़ीम खान (मालेगाँव), डॉ. अय्यूबी मुआज़ अहमद (मालेगाँव) तथा रिज़वान रब्बानी को उनकी शैक्षणिक, साहित्यिक और सामाजिक सेवाओं के लिए “हज़रत सादी दक्कनी बुरहानपुरी अवार्ड” से सम्मानित किया गया।
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण युवा साहित्यकार परवाना बुरहानपुरी के बाल साहित्य पर आधारित उपन्यास “पुरअसरार हवेली और चार कमसिन जासूस” का लोकार्पण रहा, जिसे बुरहानपुर का पहला उर्दू बाल उपन्यास बताया जा रहा है। इस अवसर पर विभिन्न संस्थाओं की ओर से परवाना बुरहानपुरी का पुष्पहार, शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।
प्रसिद्ध साहित्यकार ताहिर नक़्क़ाश, जमील असगर तथा एडवोकेट एहतिशाम आतिफ ने अपने संबोधन में दारुस्सुरूर सोसायटी की दस वर्षों की सेवाओं की सराहना की। अंत में सोसायटी पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।



