ताप्ती में मछलियों का ‘नरसंहार’: नगर निगम के खिलाफ नाव पर चढ़कर बरसे युवा कांग्रेसी,स्वच्छता के नाम पर बंदरबांट का आरोप

बुरहानपुर। बुरहानपुर की जीवनदायिनी ताप्ती नदी में पिछले कुछ दिनों से हजारों की संख्या में मछलियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस गंभीर पर्यावरणीय संकट को लेकर अब राजनीति गरमा गई है। शुक्रवार को युवा कांग्रेस ने नगर निगम की लापरवाही के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए नदी के बीचों-बीच नाव में सवार होकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।
नाव पर चढ़कर लगाए नारे, निगम प्रशासन को घेरा
युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष देवेश्वर सिंह ठाकुर और जिला अध्यक्ष अर्जुन जंगाले के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने ताप्ती नदी पहुंचकर नावों में बैठकर नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर निगम की उदासीनता के कारण ताप्ती नदी आज गंदगी का पर्याय बन चुकी है, जिसका खामियाजा बेजुबान जलीय जीवों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।
भागीरथपुरा जैसी घटना की आहट
युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष अर्जुन श्याम जंगाले ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बुरहानपुर में प्रशासन किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा—भागीरथपुरा जैसी भयावह घटना बुरहानपुर में न दोहराई जाए, इसके लिए नगर निगम को तुरंत ताप्ती नदी पर विशेष सफाई अभियान चलाना चाहिए। स्वच्छता के नाम पर हर साल लाखों रुपये का फंड आता है, लेकिन धरातल पर ताप्ती नदी की स्थिति बदतर होती जा रही है।
गंदे नालों का मिलन बना ‘काल’
अर्जुन श्याम जंगाले – युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष
विधानसभा अध्यक्ष ठाकुर देवेश्वर सिंह ने सीधे तौर पर नगर निगम को दोषी ठहराते हुए कहा कि शहर भर का गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के सीधे ताप्ती नदी में छोड़ा जा रहा है। इसी दूषित पानी और ऑक्सीजन की कमी के चलते लाखों मछलियाँ मर रही हैं। यह न केवल धार्मिक आस्था का अपमान है, बल्कि पर्यावरण के साथ भी बड़ा खिलवाड़ है।
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से अश्विन, मयूर, लड्डू, नासिर, राजेश भगत, विक्की रोड्ट, राहुल चावरे, सैयद नासिर, अजाज मीर, सोनू प्रमोद, विश्वकर्मा, समीर और भगवान सहित कई कार्यकर्ता शामिल थे।
युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गंदे नालों को ताप्ती में मिलने से नहीं रोका गया और नदी की सफाई शुरू नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।



