*भजन संध्या और गरबा रास से झूम उठा सतियारा घाट, भव्यता के साथ संपन्न हुआ ऐतिहासिक भगवान श्री बालाजी मेला*

बुरहानपुर:- माँ ताप्ती के पावन तट स्थित सतियारा घाट पर भगवान श्री बालाजी महाराज का ऐतिहासिक तीन दिवसीय मेला श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। मेले के अंतिम दिन आयोजित भजन संध्या और गरबा रास प्रतियोगिता में देर रात तक श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर रहे। रंग-बिरंगी पोशाकों में सजे 8 गरबा मंडलों ने आकर्षक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
गरबा प्रतियोगिता में यूडीसी गरबा मंडल (बुरहानपुर) ने प्रथम स्थान प्राप्त कर 31 हजार रुपए, मां मातृशक्ति गरबा मंडल (लालबाग) ने द्वितीय स्थान के साथ 21 हजार रुपए तथा मां चामुंडा गरबा मंडल (सागफाटा, नेपानगर) ने तृतीय स्थान प्राप्त कर 11 हजार रुपए का पुरस्कार जीता। भजन गायक नितीन मेढ़े की मधुर स्वर लहरी पर देर रात तक श्रद्धालु झूमते रहे।
मेले के दौरान विधायक व पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने श्रीजी के दर्शन कर नगरवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि लगभग 450 वर्षों से आयोजित यह मेला बुरहानपुर की अटूट आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। मेले लोगों को जोड़ते हैं और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करते हैं। पिछले 18 वर्षों से श्री बालाजी ताप्ती उत्सव समिति के माध्यम से इस आयोजन को निरंतर भव्य और व्यवस्थित स्वरूप दिया जा रहा है।
तीन दिवसीय उत्सव की शुरुआत 22 अक्टूबर को भगवान श्री बालाजी के कुंभाभिषेक, दीपदान और ताप्ती महाआरती के साथ हुई थी। पहले दिन गजानन वारुडे की शहनाई और श्याम चौधरी की बांसुरी वादन ने समां बांधा। दूसरे दिन तिलक एकेडमी व विभिन्न अखाड़ों के बालकों ने हैरतअंगेज युद्धकला, लेझिम और साहसिक शौर्य प्रदर्शन से दर्शकों को दाँतों तले उँगली दबाने पर मजबूर कर दिया। वहीं अंतरराष्ट्रीय कलाकार मुकेश दरबार द्वारा प्रस्तुत ‘श्रीकृष्ण-सुदामा’ नृत्य-नाट्य और तिब्बती कलाकारों के लोकनृत्य ने सांस्कृतिक विविधता के रंग बिखेरे।
मेले के समापन पर भगवान श्री बालाजी महाराज को रथ में विराजमान कर नगर भ्रमण कराते हुए महाजनापेठ स्थित मंदिर ले जाया गया। रविवार को शरद पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर परिसर में पारंपरिक चांदनी चौक का मेला लगा, जहाँ श्रद्धालुओं ने दर्शन व मेले का आनंद लिया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती माधुरी पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने सहित अनेक जनप्रतिनिधि व हजारों श्रद्धालु उपस्थित थे।




