*सागर की घटना के बाद बुरहानपुर के बहादरपुर गांव की महिलाओं में जहरीली शराब का डर जनसुनवाई में पहुंचकर अवैध शराब पर रोक लगाने की मांग*
बुरहानपुर:- मध्य प्रदेश के सागर जिले में हाल ही में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों की भयावह घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस त्रासदी के बाद अब बुरहानपुर जिले के बहादरपुर गांव में खौफ और गहरे आक्रोश का माहौल व्याप्त है। गांव में धड़ल्ले से फल-फूल रहे अवैध कच्ची शराब के काले कारोबार से चिंतित सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं ने एकजुट होकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
महिलाओं ने जनसुनवाई में पहुंचकर अपर कलेक्टर को अपनी आपबीती सुनाते हुए बस्ती में बिक रही अवैध कच्ची शराब को तुरंत बंद कराने और इस अवैध कारोबार में लिप्त शराब माफियाओं के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही महिलाओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन ने एक सप्ताह के भीतर इस धंधे पर अंकुश नहीं लगाया, तो वे बड़े पैमाने पर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगी।
*सागर कांड के बाद बढ़ा जान-माल का खतरा*
बहादरपुर गांव से बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं का कहना है कि उनकी बस्ती में पिछले लंबे समय से बेखौफ होकर अवैध शराब बेची जा रही है। इस अवैध कारोबार से पूरे गांव का सामाजिक ताना-बाना छिन्न भिन्न हो चुका है। शराबियों के जमावड़े और उपद्रव के कारण क्षेत्र का माहौल लगातार बिगड़ रहा है, जिससे महिलाओं और बच्चों का घर से बाहर निकलना भी दुभर हो गया है।
महिलाओं ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सागर में जहरीली शराब पीने से कई परिवारों के चिराग बुझ गए। इस घटना के बाद से वे अपने पति, बच्चों और परिजनों की सुरक्षा को लेकर बेहद डरी हुई हैं। महिलाओं को आशंका है कि यदि स्थानीय स्तर पर समय रहते इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई गई, तो बहादरपुर में भी सागर जैसी कोई बड़ी अनहोनी या जानलेवा हादसा हो सकता है।
*आबकारी विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग*
जनसुनवाई में उपस्थित महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल ने आबकारी विभाग के अधिकारियों से लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मांग की है कि बहादरपुर गांव की बस्ती में संचालित अवैध शराब के तमाम ठिकानों पर तुरंत छापामार कार्रवाई की जाए, इन अड्डों को ध्वस्त किया जाए और जहरीली कच्ची शराब बनाने व बेचने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं।
*प्रशासन का आश्वासन, महिलाओं की चेतावनी बरकरार*
ग्रामीण महिलाओं के कड़े रुख और जनसुनवाई में उठे इस गंभीर मुद्दे के बाद सहायक जिला आबकारी अधिकारी मुकेश गौर ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच कराने और अवैध शराब विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, अधिकारी के इस आश्वासन के बावजूद महिलाओं का कहना है कि वे केवल खोखले वादों से शांत नहीं बैठने वालीं। यदि 7 दिनों के भीतर धरातल पर ठोस कार्रवाई नहीं दिखी, तो पूरा गांव चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।



