बुरहानपुर

*प्लास्टिक कचरे से बर्बादी की कगार पर बुरहानपुर की उपजाऊ जमीन केला मंडी समिति का व्यापारियों पर कड़ा एक्शन, जारी की चेतावनी*

बुरहानपुर :- मध्य प्रदेश के प्रमुख केला उत्पादक जिले बुरहानपुर में बेकाबू होता प्लास्टिक और पॉलीथिन कचरा अब खेतों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन गया है। केला कारोबार से जुड़े व्यापारियों और ग्रुप संचालकों द्वारा कटाई व पैकिंग के समय बरती जा रही लापरवाही के कारण जिले की बेहद उपजाऊ कृषि भूमि की उर्वरक क्षमता तेजी से प्रभावित हो रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि उपज मंडी समिति ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

*खेतों में फैला कचरा बना जहर*
बुरहानपुर में बड़े पैमाने पर केले का उत्पादन और अंतरराज्यीय परिवहन किया जाता है। फलों को परिवहन के दौरान नुकसान और दाग-धब्बों से बचाने के लिए व्यापारी व पैकिंग एजेंसियां बड़े पैमाने पर प्लास्टिक फोम, थर्माकोल शीट और पॉलीथिन का इस्तेमाल करती हैं। आरोप है कि केला गाड़ियों में लोड करने के बाद बचा हुआ प्लास्टिक और पॉलीथिन का कचरा व्यापारी व मजदूर खेतों में ही खुले में छोड़ देते हैं। हवा और बारिश के साथ यह प्लास्टिक मिट्टी में समा जाता है। प्लास्टिक गैर-बायोडिग्रेडेबल (न गलने वाला) पदार्थ होने के कारण मिट्टी के प्राकृतिक ढाँचे को नुकसान पहुँचा रहा है, जिससे लंबे समय में फसलों के उत्पादन और गुणवत्ता पर गहरा विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

*किसानों की शिकायतों पर जागा प्रशासन*
स्थानीय किसानों द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों और पर्यावरण को हो रहे नुकसान के आकलन के बाद कृषि उपज मंडी समिति हरकत में आई है। मंडी प्रशासन ने जिले में सक्रिय सभी प्रमुख केला ग्रुप संचालकों, निजी व्यापारियों और संबंधित ट्रांसपोर्टरों को कड़ा हिदायत पत्र (नोटिस) जारी किया है।

*नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई*
जारी किए गए निर्देशों में साफ कहा गया है कि केला पैकिंग के बाद निकलने वाले किसी भी तरह के वेस्ट (फोम या पॉलीथिन) को खेतों में छोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। व्यापारियों को इस कचरे को खुद एकत्र कर उचित निस्तारण स्थल तक पहुँचाने की जिम्मेदारी उठानी होगी। मंडी प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी खेत में पैकिंग वेस्ट पड़ा पाया गया, तो संबंधित व्यापारी और ग्रुप संचालक के खिलाफ भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ उनके व्यापारिक लाइसेंस रद्द करने जैसी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के इस कदम से जहाँ एक ओर लापरवाह व्यापारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं किसानों ने उम्मीद जताई है कि इस सख्ती से बुरहानपुर की उपजाऊ मिट्टी को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकेगा।

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