मध्यप्रदेश

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बुरहानपुर में ताप्ती तट बना योगमय,योग विश्व कल्याण और मानवता को जोड़ने का माध्यम-अर्चना चिटनिस

बुरहानपुर. 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार की सुबह सूर्यपुत्री ताप्ती नदी के पावन तट राजघाट पर योग, आध्यात्म, संस्कृति और जनभागीदारी का अद्भुत संगम देखने को मिला। ‘‘स्वस्थ आयु के लिए योग’’ थीम पर आयोजित जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम में हजारों नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों, युवाओं एवं योग प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर सामूहिक योगाभ्यास किया।

मां ताप्ती के शांत और आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्वास्थ्य के साथ भारतीय संस्कृति के मूल्यों को भी सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया।प्रातःकालीन बेला में राजघाट का दृश्य अत्यंत मनोहारी और प्रेरणादायी था। ताप्ती तट पर एक साथ हजारों लोगों द्वारा योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किए जाने से पूरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। राजघाट की सीढि़यां योग साधकों से सजी नजर आईं और योग के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का संदेश जन-जन तक पहुंचा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में सांसद ज्ञानेश्वर पाटील, विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी), महापौर श्रीमती माधुरी पटेल, नगर निगमध्यक्ष श्रीमती अनिता यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ.मनोज माने, कलेक्टर हर्ष सिंह, जिला पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी, सीईओ एवं अपर कलेक्टर सृजन वर्मा सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, युवाओं एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता कर सामूहिक योग एवं प्राणायाम किया। इस अवसर पर उपस्थितजनों ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित योग दिवस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा और सुना।इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की हजारों वर्षों पुरानी ज्ञान परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसने आज पूरे विश्व को स्वास्थ्य, संतुलन और आत्मिक शांति का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा को एकसूत्र में बांधकर जीवन को सार्थक दिशा देने वाली जीवनशैली है। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि भारत ने अपनी ज्ञान परंपरा के माध्यम से सदैव पूरी मानवता को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य किया है। योग भारत की वह अमूल्य देन है, जिसने विश्व को स्वास्थ्य, संतुलन और एकता का मार्ग दिखाया है। सनातन संस्कृति ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के मंत्र के साथ संपूर्ण विश्व को एक परिवार माना है। भारत ने मानवता को एकता, करुणा, सह-अस्तित्व और विश्व कल्याण का मार्ग दिखाकर सदैव विश्व का मार्गदर्शन किया है। आज जब दुनिया अनेक प्रकार के तनाव, संघर्ष और चुनौतियों का सामना कर रही है, तब योग मानवता को जोड़ने और शांति स्थापित करने का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि “योगः कर्मसु कौशलम्” का अर्थ है कि अपने प्रत्येक कार्य को कुशलता, समर्पण और उत्कृष्टता के साथ करना ही योग है। योग व्यक्ति को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग बनाता है और जीवन में अनुशासन स्थापित करता है। वहीं “समत्वं योग उच्यते” का संदेश हमें हर परिस्थिति में संतुलित और समभाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दृष्टि से देखने और आत्मिक विकास का मार्ग है।

विधायक अर्चना चिटनिस ने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल चिंतन संघर्ष और विभाजन नहीं, बल्कि समन्वय और कल्याण है। “अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्, उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश हमें बताता है कि उदार विचारों वाले लोग संपूर्ण विश्व को अपना परिवार मानते हैं। योग इसी उदार दृष्टिकोण को विकसित करता है और व्यक्ति को स्वयं से ऊपर उठकर समाज तथा मानवता के हित में सोचने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि दुनिया ने अनेक युद्ध और संघर्ष देखे हैं, लेकिन भारत ने विश्व को भगवान बुद्ध का शांति संदेश और योग का कल्याणकारी मार्ग दिया है। योग व्यक्ति को जोड़ने, समाज को जोड़ने और राष्ट्रों के बीच सद्भाव स्थापित करने का माध्यम है। योग के माध्यम से विश्व में शांति, सहयोग और भाईचारे की भावना को और अधिक मजबूत किया जा सकता है।श्रीमती अर्चना चिटनिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग को मिली वैश्विक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक वैश्विक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। प्रधानमंत्री के अथक प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने योग दिवस को मान्यता दी और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग कर रहे हैं। यह भारत की संस्कृति, परंपरा और ज्ञान की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने योग को जन-जन तक पहुंचाने के साथ पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन और सकारात्मक सोच का संदेश दिया है।कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया गया। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उपस्थितजनों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास किया तथा मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग के महत्व को समझा।दिनांक:- 21 जून 202601

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