*सेठ गोविंददास स्मृति समारोह भारतीय संस्कृति की समृद्धि और राष्ट्र गौरव के लिए आगे आएं – विधायक अर्चना चिटनिस*

बुरहानपुर :- साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद एवं संस्कृति विभाग, भोपाल द्वारा महान साहित्यकार एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सेठ गोविंददास जी की स्मृति में श्री परमानंद गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में भव्य स्मृति समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि सेठ गोविंददास जी के विचार और आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए भारतीय संस्कृति की समृद्धि और राष्ट्र के गौरव को बढ़ाने में अपना सक्रिय योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए खरगोन के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शंभूसिंह मनहर ने साहित्यकारों से आग्रह किया कि वे आज की युवा पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करें। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश के निदेशक डॉ. विकास दवे ने ऑडियो संदेश के माध्यम से बुरहानपुर को ऐतिहासिक के साथ-साथ साहित्यिक नगरी के रूप में नई पहचान दिलाने पर बल दिया।
वरिष्ठ साहित्यकार वीरेंद्र निर्झर ने अपने बीज वक्तव्य में सेठ गोविंददास जी के जीवन एवं स्वाधीनता आंदोलन में उनके योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला। कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुरेंद्र जैन भारती ने सेठ गोविंददास जी के व्यक्तित्व के कई अनछुए पहलुओं को साझा किया।
समारोह के पूर्व ‘साहित्यिक संस्थाओं का सामाजिक सरोकार’ विषय पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इसके पश्चात् काव्य पाठ का आयोजन हुआ, जिसमें बुरहानपुर एवं अन्य जिलों से आए साहित्यकारों रमेशचंद्र धुआंधार, श्याम ठाकुर, डॉ. सुनील दीक्षित, डॉ. उर्मिला चौकसे, डॉ. अश्विनी महाजन, सुनीता चौकसे, कमरूद्दीन फलक एवं खंडवा के सुनील उपमन्यु ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया।
इस अवसर पर साहित्य अकादमी के समन्वयक राकेशसिंह, वैद्य सुभाष माने, बलराज नावानी, संजयसिंह शिंदे सहित नगर के प्रबुद्धजन एवं साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय संयोजक श्री हितेष शाह ने सभी का आभार व्यक्त किया।




