*दशहरे पर बड़े रथ पर निकले बालाजी महाराज 21 ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार के बीच हुआ शमी पूजन*

बुरहानपुर- दशहरे के पावन पर्व पर मंगलवार को भगवान बड़े बालाजी महाराज अपने बड़े रथ पर सातमुख वाले घोड़े वाहन पर शाम 6 बजे विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने निकले। भगवान की रथयात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर पांडुमल चौराहा, गांधी चौक और फव्वारा चौक होते हुए वापस मंदिर पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान बालाजी महाराज के भव्य स्वरूप के दर्शन किए।
भगवान बालाजी महाराज के बड़े रथ पर विराजमान होकर दर्शन करने का विशेष अवसर भक्तों को वर्ष में केवल एक बार प्राप्त होता है। इसी कारण दशहरे के दिन श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में भक्त भगवान के दर्शन के लिए पहुंचे।
बड़े बालाजी मंदिर संस्थान के आशीष भगत एवं मुख्य पुजारी मोहन बालाजी वाले ने बताया कि दशहरे के दिन शमी के पत्तों का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इसी परंपरा के अंतर्गत शनि मंदिर स्थित एक भक्त के निवास पर भगवान बालाजी महाराज का विधि-विधान से शमी पूजन किया गया। इस दौरान 21 ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार किया, जिसके बीच पूजन संपन्न हुआ। इसके पश्चात भगवान बालाजी महाराज शनि मंदिर से अपने बड़े रथ पर विराजमान होकर मंदिर के लिए रवाना हुए। मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर बालाजी गोविंदा के जयकारे लगाये।
*21 अक्टूबर को 15 दिवसीय महोत्सव के 11 वे दिन छोटे रथ पर निकलेंगे बालाजी महाराज*
मुख्य पुजारी मोहन बालाजीवाले व मंदिर संस्थान के आशीष भगत ने बताया कि बुधवार, 21 अक्टूबर को भगवान बालाजी महाराज छोटे रथ पर रात्रि 8 बजे विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे। रथयात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर गांधी चौक, फव्वारा चौक और पांडुमल चौराहा होते हुए वापस मंदिर पहुंचेगी। मंदिर संस्थान ने श्रद्धालुओं से रथयात्रा में शामिल होकर भगवान के दर्शन एवं धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है।
श्री जी के अस्थाई पंडाल का स्थल निरीक्षण बड़े बालाजी मंदिर संस्थान की ओर से मुख्य पुजारी मोहन बालाजी वाले व बड़े बालाजी संस्थान के आशीष भगत ने बालाजी महाराज के 22 अक्टूबर को सतीयारा घाट पर लगने वाले मेले स्थल का भी निरीक्षण किया गया। ओर वहां बनने वाले बालाजी महाराज के अस्थाई पंडाल का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय पार्षद राजा इंगले भी उपस्थित थे।




