*श्री बृहद गुजराती समाज का शरद पूर्णिमा गरबा रास महोत्सव एवं पुस्तक विमोचन समारोह संपन्न*

बुरहानपुर :- श्री बृहद गुजराती समाज, बुरहानपुर द्वारा मंगलवार शाम शरद पूर्णिमा गरबा रास महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज की उपलब्धियों एवं गतिविधियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में समाजजनों ने गरबा रास का आनंद लिया तथा विभिन्न श्रेणियों में आयोजित गरबा प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समाज अध्यक्ष मनोज भाई तारवाला ने बताया कि श्री बृहद गुजराती समाज द्वारा विगत 18 वर्षों से शरद पूर्णिमा के अवसर पर गरबा रास महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के माध्यम से समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर की प्रथम नागरिक माधुरी अतुल पटेल तथा विशेष अतिथि के रूप में प्रख्यात वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रमेश कपाड़िया उपस्थित रहे। पूर्व महापौर अतुल पटेल ,अतिथियों एवं समाज पदाधिकारियों द्वारा समाज की उपलब्धियों एवं गतिविधियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया।
समाज सचिव सीए प्रशांत श्रॉफ ने बताया कि पुस्तक विमोचन के पश्चात गरबा रास का आयोजन हुआ। इसके साथ ही चार श्रेणियों में गरबा प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी कला एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
सांस्कृतिक समिति प्रमुख शीतल बेन श्रॉफ ने बताया कि प्रतियोगिता में सिल्की श्रॉफ, सुमित श्रॉफ, फाल्गुनी सोनी, कनिष्क श्रॉफ, नैना सोमैया, रूपाली श्रॉफ, सार्थक श्रॉफ, मीनू प्रवीण शाह, प्रशांत शाह, मेहुल श्रॉफ, परी मनीषभाई लाड, विवेक शाह, नेहा प्रशांतभाई गुजराती, सोनाली, डॉ. नीरज बजाज एवं जयश्री सतीशकुमार गुजराती सहित अन्य प्रतिभागियों ने भाग लिया। पिता-पुत्री श्रेणी में हेमंत शाह एवं दिया शाह ने पुरस्कार प्राप्त किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक की भूमिका ज्योति पटेल, मेघा शाह एवं सुषमा श्रॉफ ने निभाई। कार्यक्रम का संचालन अनिल शाह एवं दीपिका तारकस ने किया, जबकि आभार संतोष देवताले ने व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सौरभ श्रॉफ, दिनेश तारकस, आनंद पाटीदार , उज्ज्वला कपाड़िया , सुनील शाह , कमलेश श्रॉफ ,मृदुला बेन शाह , जया शाह , गरिमा श्रॉफ , हरीश टोपीवाला , पुनीत दलाल सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य एवं परिवारजन उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग एवं सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण रहा।




