*समवशरण विधान के तृतीय दिवस पर मुनिश्री कुन्थुसागर महाराज का अवतरण दिवस धूमधाम से मना*

बुरहानपुर :- श्री दिगम्बर जैन समाज बुरहानपुर द्वारा परम पूज्य 108 मुनिश्री कुन्थुसागर महाराज के पावन सानिध्य एवं धीरज भैया के मार्गदर्शन में 22 से 29 अक्टूबर तक आयोजित ‘समवशरण विधान’ के तृतीय दिवस पर धर्म की प्रभावना के साथ-साथ मुनिश्री का अवतरण दिवस बड़े ही धूमधाम और भक्तिभाव से मनाया गया।
पटेल नगर (ग्रीन पार्क) स्थिति विधान स्थल पर आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रसंत आचार्य विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य मुनिश्री कुन्थुसागर महाराज ने कहा जैन कुल में जन्म लेना पूर्व जन्मों के भारी पुण्य का उदय है। उन्होंने पूजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बिना लड़े शत्रु को कैसे पराजित किया जा सकता है। महाराज श्री ने कहा कि ‘क्षमा’ श्रावक का सबसे बड़ा आभूषण है क्षमा वीरस्य भूषणम् क्षमा से बड़े से बड़े शत्रु और समस्या का समाधान सहज संभव है।
कार्यक्रम के दौरान विधि-विधान से पूजन-अर्चन, अभिषेक एवं विश्व शांति के लिए शांतिधारा की गई। आज की शांतिधारा का सौभाग्य राजेश पटवारी, अशोक ठोलिया एवं लोकेश ठोलिया परिवार को मिला।
समाज के प्रमुख कार्यकर्ता महेंद्र जैन एवं प्रमोद जैन बड़जात्या ने बताया कि मुनिश्री के अवतरण दिवस पर समाजजनों द्वारा भक्तिभाव से पूजन, अर्चन व पाद प्रक्षालन किया गया। पाद प्रक्षालन का सौभाग्य संतोष कुमार काला (फोपनार) परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं ‘श्रावक सृष्टि’ का सौभाग्य प्रकाशचंद, कमल कुमार, विमल कुमार ठोलिया परिवार को मिला।
संध्याकालीन महाआरती का सौभाग्य निर्मल कुमार हितेश कुमार पाटनी एवं चतुर्थ दिवस के श्रावक सृष्टि का सौभाग्य प्रमोद कुमार जयेश कुमार बड़जात्या परिवार को प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर नगर निगम बुरहानपुर की महापौर माधुरी अतुल पटेल एवं पूर्व महापौर अतुल पटेल ने विधान स्थल पहुँचकर मुनिश्री के दर्शन कर श्रीफल भेंट किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। विधान में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्मलाभ ले रहे हैं।




