मध्यप्रदेश

कोटवार एवं नगर सुरक्षा समिति सदस्यों का 7 दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ समापन

बुरहानपुर . रेणुका पुलिस लाइन में आयोजित कोटवार एवं नगर सुरक्षा समिति सदस्यों का 7 दिवसीय प्रशिक्षण का समापन हुआ। इस अवसर पर विधायक अर्चना चिटनिस, अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर हर्ष सिंह, एसपी आशुतोष बागरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेण्डे एवं नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल सहित अन्य मौजूद रहे।

प्रशिक्षण के दौरान कोटवारों एवं नगर सुरक्षा समिति सदस्यों को पुलिस की कार्यप्रणाली, भीड़ नियंत्रण, अनुशासन, परेड सलामी, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था के दौरान पुलिस की मदद करने के गुर सिखाए गए।समापन समारोह में विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने जिला एवं पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना की। आगामी मोहर्रम पर्व, लाइन ऑर्डर ड्यूटी एवं विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बुरहानपुर पुलिस एवं प्रशासन द्वारा यह महत्वपूर्ण पहल की गई है। विदित है कि जिले के कोटवारों एवं नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों को विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में कार्य करने हेतु 7 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ।

समारोह में विधायक अर्चना चिटनिस ने कहा कि कोटवार यह सुनिश्चित करें कि ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उनका व्यवहार ऐसा हो, जिससे ग्रामीण जनजीवन प्रभावित न हो। उन्होंने कोटवारों को अपनी नई पहचान और बढ़ी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने की सलाह दी। इस दौरान विधायक चिटनिस ने कोटवारों से शिक्षा और अन्य विषयों पर भी चर्चा की।

इस अवसर पर कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा कि, कोटवार कानून व्यवस्था में सूचना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते है। किसी भी घटना या संभावित घटना की जानकारी समय पर प्रशासन तक पहुंचाना बेहद जरूरी है और इस पूरी व्यवस्था में कोटवारों की भूमिका बहुत अहम है। सात दिन के इस प्रशिक्षण में कोटवारों को वर्दी प्रदाय के साथ-साथ अनुशासन, परेड, सलामी और प्रशासनिक समन्वय की बारीकियां सिखाई गईं, ताकि वे पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकें।

पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने अपने उद्बोधन में इस प्रशिक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी और कोटवारों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहां कि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों और चर्चाओं से वे महत्वपूर्ण जानकारी निकालकर पुलिस तक पहुंचा सकते हैं। इससे अपराधों के खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी में मदद मिलेगी। हर थाने में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो कोटवारों के संपर्क में रहेगा।

साथ ही सभी कोटवारों को एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा जाएगा, ताकि उनकी समस्याओं का भी त्वरित समाधान हो सके।पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वर्दी बदलने से कोटवारों का सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ेगा। गांव के लोग अब उन्हें प्रशासन से जुड़ा हुआ मानेंगे और उनकी बातों को अधिक गंभीरता से लेंगे। इससे गांवों में अपराधों की रोकथाम और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। समापन समारोह में ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके कोटवारों द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह ट्रेनिंग हमारे लिये कारगर रही एवं ट्रेनिंग कई बारीकियां एवं सावधानियां सीखने को मिली। इस अवसर पर समस्त थाना प्रभारी एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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