बुरहानपुर

*नवें दिन विशेष गरुड़ वाहन पर निकले बालाजी महाराज मंगलवार को दशहरा निमित्त बड़े रथ पर निकलेंगे बालाजी महाराज*

बुरहानपुर :- बड़े बालाजी महाराज के 15 दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत सोमवार को नवें दिन बालाजी महाराज छोटे रथ पर मुख्य वाहन गरुड़ वाहन पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने के लिए निकलें रथ यात्रा मंदिर से निकलकर गांधी चौक, फव्वारा चौक, किला रोड,अग्रसेन चौक, पाण्डुमल चौराहा से मंदिर लौटी।

मुख्य पुजारी मोहन बालाजी वाले एवं बड़े बालाजी मंदिर संस्थान के आशीष भगत ने बताया कि महोत्सव के प्रत्येक दिन भगवान बालाजी महाराज विभिन्न वाहनों पर विराजमान होकर नगर के निर्धारित मार्गों से भक्तों को दर्शन देने के लिए निकल रहे हैं इसी क्रम में नवें दिन श्री जी ने गरुड़ वाहन पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए

दशहरे पर 450 वर्ष पुराने बड़े रथ पर विराजेंगे भगवान बड़े बालाजी महाराज, साल में एक दिन होते हैं भव्य दर्शन बड़े बालाजी महाराज के 15 दिवसीय महोत्सव में दशहरे का दिन विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है। दशहरे के पावन अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर मंगलवार को भगवान बड़े बालाजी महाराज अपने प्राचीन एवं बड़े रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे और शहर के निर्धारित प्रमुख मार्ग पांडुमल चौराहा, गांधी चौक,फव्वारा चौक से होते हुए शनि मंदिर, पांडूमल चौराहे से वापस मंदिर लौटेंगे।

मुख्य पुजारी मोहन बालाजी वाले एवं बड़े बालाजी मंदिर संस्थान के आशीष भगत ने बताया कि भगवान बालाजी महाराज का यह बड़ा रथ लगभग 450 वर्ष पुराना है। दशहरे के अवसर पर वर्ष में केवल एक ही दिन भगवान बालाजी महाराज इस बड़े रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करते हैं। यह परंपरा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था और आकर्षण का केंद्र है।

*दशहरे पर शमी पूजन का विशेष महत्व*
दशहरे के अवसर पर शमी वृक्ष एवं उसके पत्तों का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी परंपरा के अंतर्गत भगवान बालाजी महाराज का शमी पूजन रथ यात्रा के मार्ग में शनि मंदिर स्थित एक भक्त के निवास पर किया जाएगा। इस विशेष पूजन के माध्यम से दशहरे की धार्मिक परंपरा और आस्था का निर्वहन किया जाएगा।दशहरे पर भगवान के विशाल रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करने की परंपरा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। इस दिन भक्त बड़ी संख्या में मार्गों पर एकत्रित होकर भगवान बालाजी महाराज के दर्शन करते हैं।दशहरे पर निकलने वाली यह भव्य रथयात्रा बुरहानपुर की धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। रथयात्रा में शामिल होकर भगवान के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।

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