*बुरहानपुर में 20 को मनेगा दशहरा, 20 की दोपहर 2 बजे से पहले होगा माता प्रतिमा विसर्जन*

बुरहानपुर :- आगामी शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी और माता प्रतिमा विसर्जन की तिथियों को लेकर बने भ्रम को दूर करते हुए संत पुजारी विद्वत परिषद ने शास्त्र सम्मत तिथियों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। उदासीन आश्रम बड़ा अखाड़ा में महंत स्वामी पुष्कारानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित विद्वतजनों और ज्योतिषाचार्यों की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बुरहानपुर में विजयादशमी (दशहरा) 20 तारीख को ही मनाया जाएगा।
बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए पंडित अवधेश पांडे ने बताया कि पंचांगीय गणना और शास्त्रों के आधार पर 18 तारीख को सप्तमी तिथि रहेगी। 19 तारीख को अष्टमी एवं नवमी तिथि मनाई जाएगी। जिन परिवारों व पंडालों में सायंकाल नवमी पूजन की परंपरा है, वे 19 तारीख की शाम पूजन करेंगे। वहीं, जिन स्थानों पर सुबह नवमी पूजन का विधान है, वे 20 तारीख की सुबह पूजन संपन्न करेंगे।
शास्त्रों में ‘उदित तिथि’ का विशेष महत्व माना गया है। 20 तारीख को दोपहर 2:02 बजे से विजय मुहूर्त प्रारंभ हो रहा है, इसलिए विजयादशमी का पर्व 20 तारीख को ही मनाना शास्त्र सम्मत है।
धर्मशास्त्रों के नियमानुसार माता प्रतिमाओं का विसर्जन विजयादशमी (दशहरा) शुरू होने से पूर्व हो जाना चाहिए। इसे ध्यान में रखते हुए ठाकुर प्रियांक सिंह ने समस्त उत्सव समितियों से अपील की है कि 19 तारीख अथवा 20 तारीख की दोपहर 2:00 बजे से पहले माता की प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्ण कर लें।
महंत स्वामी पुष्कारानंद जी महाराज ने संपूर्ण नगर के हिंदू समाज से एक ही तिथि व समय पर त्योहार मनाकर धर्म की मर्यादा बनाए रखने और प्रशासनिक व्यवस्था में सहयोग देने का संदेश दिया। बैठक में बाल्या महाराज, प्रभंजन मुनी, मुकेश डालमिया, पंडित सुदीप रघुवंशी सहित अनेक संत-विद्वान उपस्थित थे।



