मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी से, मां एवं शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है! मनकक्ष विभाग

बुरहानपुर। जिला चिकित्सालय बुरहानपुर के एसएनसीयू मातृ वार्ड नई बनी मां एवं नवजात शिशु के लिए ( शारीरिक एवं मानसिक) स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम किया गया!* *प्रसव के बाद का समय माँ और नवजात शिशु दोनों के लिए अत्यंत संवेदनशील होता है।* *इस दौरान माँ को शारीरिक कमजोरी के साथ-साथ मानसिक तनाव, चिंता, चिड़चिड़ापन एवं अवसाद जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए उनके शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है।*
नवजात शिशु के लिए माँ का दूध सर्वोत्तम आहार है, जो उसके पोषण, रोग प्रतिरोधक क्षमता एवं विकास के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही स्वच्छता एवं समय पर टीकाकरण भी आवश्यक है।*
*इस कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं एवं परिजनों को प्रसवोत्तर देखभाल एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है।* *किसी भी तनाव या समस्या की स्थिति में मनहित एप, टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 तथा प्रसव के बाद मां एवं नवजात शिशु के लिए सहायता हेतु 08047093147 पर संपर्क कर निःशुल्क एवं गोपनीय सहायता प्राप्त की जा सकती है।* **आयोजन केयर कैंपियन प्रोग्राम सीसीपी,एफसीसी एवं पीएमएच के अंतर्गत किए जा रहे हैं!*जिसका उद्देश्य मातृ एवं शिशु के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ एवं मजबूत बनाना एवं मातृ एवं शिशु मृत्यु दर के आंकड़ों को कम करना है!*
*परिवार का सहयोग माँ और शिशु के स्वास्थ्य की सबसे बड़ी ताकत है।* कार्यक्रम में जिला केयर कंपेनियम प्रोग्राम प्रभारी श्री अनूप सिंह राजपूत,श्रीमती सुषमा झरवड़े ,सीमा डेविड,कविता पवार ,विनीता खातरकर, रूपेश महाजन एवं माताएं एवं उनके परिजन उपस्थित रहे!*



