सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब का बुरहानपुर आगमन, सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन के उर्स में होंगे

बुरहानपुर। दुनिया भर के दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें धर्मगुरु, परमपूज्य सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन, 12 अप्रैल को रात 8:30 बजे मुंबई से बुरहानपुर पहुंचे। स्टेशन पर एकत्रित हजारों समुदाय के सदस्यों ने उनका आत्मीय भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया ।इस दौरान सैय्यादना साहब का दीदार होते ही मौला मौला की गूंज से स्टेशन महक उठा।
मौला मौला की गूंज से स्टेशन महक उठा
दाऊदी बोहरा जमात PRO कमेटी कोऑडिनेटर तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने जानकारी देते हुए बातया की सैयदना सैफुद्दीन साहब अपने पूर्वज, सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन साहब की पुण्यतिथि मनाने के लिए बुरहानपुर मे आये है सैय्यादन साहब बुरहानपुर दरगाह ए हकीमी स्तिथ हकीमी मस्जिद में मंगलवार को प्रवचन देंगेइस अवसर पर मध्य प्रदेश और भारत के अन्य हिस्सों से हजारों बोहरा समुदाय के सदस्य शहर में मौजूद रहेंगे।
सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन का जन्म 1665 में 34वें धर्मगुरु सैयदना बदरुद्दीन बिन मुल्ला राज के काल में हुआ था। वे साहित्य के प्रेमी और एक महान लेखक थे, जिन्होंने उर्दू, संस्कृत, फारसी और अरबी में पुस्तकों की रचना की थी।अपनी धर्मपरायणता, विनम्रता और अत्यंत विद्वत्ता के लिए प्रसिद्ध, सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन का जीवन और विरासत आज भी दुनिया भर के हजारों दाऊदी बोहरा सदस्यों को प्रेरित करती है।