अर्वाचीन स्कूल का गौरवशाली दशक पूर्ण, स्थापना दिवस व प्री-प्राइमरी ग्रेजुएशन डे पर शिक्षा, संस्कार और नवाचार का उत्सव

बुरहानपुर। शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, नवाचार और संस्कारों के साथ आगे बढ़ते अर्वाचीन स्कूल में 10वां स्थापना दिवस एवं प्री-प्राइमरी ग्रेजुएशन डे का भव्य आयोजन हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम विद्यालय की 10 वर्षों की प्रेरणादायी यात्रा, विद्यार्थियों की उपलब्धियों और भविष्य की शैक्षणिक योजनाओं का जीवंत उदाहरण बना।
कार्यक्रम की शुरुआत पालकों के स्वागत, मंच परिचय एवं विद्यालय की विकास यात्रा के संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण के साथ हुई। विद्यालय प्रशासक सुनील पाटिल ने वर्ष 2016 से 2026 तक के 10 वर्षों के सफर पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे अर्वाचीन स्कूल ने अपनी स्थापना से लेकर आज तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
*दीप प्रज्वलन एवं अतिथि सम्मान*
दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, प्रोफेसर बृजमोहन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंस महाविद्यालय के डायरेक्टर अनिल जैन, संस्था की अध्यक्ष श्रीमती राखी मिश्रा एवं डायरेक्टर अमित मिश्रा सहित अनेक गणमान्य अतिथि, शिक्षकगण, पालक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
*सर्वांगीण विकास की दिशा में अर्वाचीन स्कूल की भूमिका*
जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल ने अर्वाचीन स्कूल की प्रशंसा करते हुए कहा कि विद्यालय बच्चों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन, खेलकूद और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है, जो बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
स्वागत उद्बोधन संस्था की अध्यक्ष श्रीमती राखी मिश्रा द्वारा दिया गया। उन्होंने विद्यालय की स्थापना के प्रारंभिक वर्षों के संघर्ष, चुनौतियों एवं निरंतर परिश्रम की यात्रा को साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रथम वर्ष में अपने बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिलाने वाले पालकों का सहयोग और विश्वास ही आज विद्यालय की सफलता का आधार बना है। उन्होंने विद्यालय द्वारा पिछले 10 वर्षों में प्राप्त उपलब्धियों और शैक्षणिक गुणवत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
*भविष्य की शिक्षा योजनाओं की घोषणा*
विद्यालय के डायरेक्टर अमित मिश्रा ने पालकों को संबोधित करते हुए विद्यालय की आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सभी कक्षाओं को टेक्नो-फ्रेंडली बनाया जाएगा, रोबोटिक लैब की स्थापना की जाएगी, स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लर्निंग संसाधनों को और सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे विद्यार्थी आधुनिक तकनीकी युग के अनुरूप शिक्षा प्राप्त कर सकें।
*प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान समारोह*
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इंटरनेशनल एजुकेशन ओलंपियाड में विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, वहीं अनुव्रत फाउंडेशन द्वारा आयोजित गीत गायन प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
*नन्हे विद्यार्थियों की रंगारंग प्रस्तुति ने मोहा मन*
प्री-प्राइमरी विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को जीवंत बना दिया। नन्हे बच्चों की नृत्य, गीत और मंच प्रस्तुति ने उपस्थित पालकों एवं अतिथियों का मन मोह लिया। बच्चों के आत्मविश्वास, अनुशासन और प्रतिभा ने विद्यालय की शिक्षण गुणवत्ता और संस्कार आधारित शिक्षा प्रणाली का परिचय कराया।
*शिक्षा, संस्कार और तकनीक का संगम-अर्वाचीन स्कूल*
दसवां स्थापना दिवस अर्वाचीन स्कूल की उपलब्धियों का उत्सव होने के साथ-साथ भविष्य की शिक्षा दिशा का संकल्प भी बना। कार्यक्रम का समापन विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों, पालकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार ज्ञापन के साथ हुआ।



