◆जिले में समस्त थानों मैं पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों को थानों में जाकर किया गया प्रशिक्षित।
◆इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस कर्मियों को डिजिटल साक्ष्य के संग्रह, सुरक्षित भंडारण, और न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में दक्ष बनाना है- पुलिस अधीक्षक
◆पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री गौरव पाटिल के मार्गदर्शन में ई-साक्ष्य”(E-Evidence) ऐप के उपयोग पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
◆जिला बुरहानपुर में दिनांक 26.0 3 2025 से टीम द्वारा थानों में जाकर ई -सक्ष्य ऐप मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
◆ई-सक्ष्य ऐप राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र द्वारा विकसित एक मोबाइल एप्लीकेशन है जो आपराधिक मामलों में साक्ष्यों को रिकार्ड करने और प्रबंधित करने में पुलिस की सहायता करता है।
◆ई-सक्ष्य ऐप साक्ष्य रिकॉर्ड करने और प्रबंधित करने की प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को आधुनिक बनाने में एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इसका उद्देश्य जांच में एकरूपता लाना, संसाधनों का अनुकूलन करना और प्रक्रियात्मक अखंडता सुनिश्चित करके दोषसिद्धि दर को बढ़ाना है।
◆यह विधेयक 1 जुलाई से भारतीय दंड संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और दंड प्रक्रिया संहिता के स्थान पर लागू होने वाले नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप है।
◆ई साक्ष्य के माध्यम से अपराध होने के बाद घटना स्थल, खोज व जपती,कथन की रिकार्डिंग इत्यादि के वीडियो फोटो बनाए जा सकते है, जिसे बिना किसी छेड़ छाड़ के माननीय न्यायालय को पेश किए जाएंगे जिससे दोषसिद्धि दर बढ़ेगी जिसका प्रशिक्षण जिले के सभी थानों पर जाकर जिले के विशेषज्ञ प्रआर. 38 नीरज सैनी, प्रआर.सचिन जमरे व आर.255 विनोद सावले द्वारा दिया जा रहा है।