बुरहानपुर

मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के माध्यम से सामाजिक कलंक ,अंधविश्वास, भ्रांतियां या गलत धारणाओं को दूर किया जा सकता है

बुरहानपुर। जिला चिकित्सालय बुरहानपुर की मनकक्ष (Mental Health Cell) टीम द्वारा आदिवासी बाहुल्य ग्राम बोरी बुजुर्ग ग्राम पंचायत में एक व्यापक मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण जनमानस को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, नशीले पदार्थों के दुष्परिणाम, आत्महत्या की रोकथाम एवं गर्भवती माताओं के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. नयन मालवीय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मानसिक बीमारियों को अंधविश्वास, जादू-टोना एवं रूढ़िवादिता से जोड़कर देखा जाता है, जिससे लोग सही उपचार से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “जिस प्रकार शारीरिक स्वास्थ्य आवश्यक है, उसी प्रकार मानसिक स्वास्थ्य भी जीवन का महत्वपूर्ण आधार है।”
मनकक्ष प्रभारी श्रीमती सीमा डेविड द्वारा गर्भवती माताओं के लिए प्रसव पूर्व मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकता एवं महत्व पर विशेष जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान तनाव एवं चिंता का प्रभाव माँ और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर पड़ता है, इसलिए इस समय मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों को टेली मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 एवं मनहित एप की जानकारी दी गई, जिससे वे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में घर बैठे 24 घंटे निःशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
नर्सिंग ऑफिसर कुमारी विनीता खातरकर द्वारा नशे के सेवन से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है बल्कि परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है।
पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुमित अग्रवाल द्वारा भी ग्रामीणों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया गया।
इस कार्यक्रम मे बोरी बुजुर्ग सरपंच किशन सोलंकी,सचिव शोभाराम परमार, मनीष पगारे पंचायत सदस्य एवं, एफिकोर संस्था से निलेश तिमोती, एएनएम श्रीमती आशा जमरा,आशा कार्यकर्ता गौरा सोलंकी सोनिया डावर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नीता मालवीय, शैला सोनी ,मीनाक्षी सोनी ,अनीता सोलंकी ,आशा सुपरवाइजर जाहबा अलावे, शीला जमरे , एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे उपस्थित रहे। *इसके साथ ही एचपीवी टीकाकरण के महत्व एवं आवश्यकता के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य -ग्रामीण क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य का समर्थन एवं जागरूकता बढ़ाना एवं बढ़ते तनाव, चिंता, आत्महत्या एवं नशे के सेवन के मामलों को कम करना तथा गर्भवती महिलाओं में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को घटाना रहा।

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