बुरहानपुर में जोन स्तरीय निरंकारी महिला संत समागम का भव्य आयोजन

बुरहानपुर। संत निरंकारी मिशन द्वारा आयोजित जोन स्तरीय महिला संत समागम का भव्य आयोजन 12अप्रैल को स्थानीय सिंधी बस्ती स्थित धर्मशाला के पास वाले ग्राउंड में दोपहर 12 से 3ः00 बजे तक हर्षाेल्लासपूर्वक सम्पन्न हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को आध्यात्मिकता से जोड़ते हुए उनमें प्रेम, करुणा, सहनशीलता और आत्मविश्वास जैसे मानवीय मूल्यों को जाग्रत करना है।

समागम की अध्यक्षता नईदिल्ली से पधारी आदरणीय बहन डॉ प्रवीण खुल्लर जी( मेंबर इंचार्ज ,प्रचार प्रसार ) ने की। उन्होंने अपने प्रेरणादायक विचारों में कहा कि
*राम बुलवा भेजिया ,दिया कबीरा रोए, जो सुख साधु संग में सो वैकुंठ में न होए*
मानव जीवन जिसके लिए देवी देवता भी तरसते है, मानव जीवन एक अनमोल अवसर है जिसमें ईश्वर की प्राप्ति की जा सकती है इसलिए, श्वासो के रहते ईश्वर की पहचान कर उनसे जुड़ना जरूरी है।ये ईश्वर सर्वत्र व्याप्त है । जिसकी पहचान ब्रह्मज्ञान द्वारा संभव है। और हर प्राणियों में इसी का वास है,इसलिए सभी का सम्मान, उनसे प्यार और मिलवर्तन वाले भाव से जीवन व्यापन करना चाहिए।
सभी धर्म के भेद , ऊंचनीच के भेद को त्याग कर ,एक ईश्वर की संतान है उसी रूप में देखना चाहिए।
*हर सफल व्यक्ति के पीछे एक महिला होती है।*
*परिवार से एक नारी जब आध्यात्म से जुड़ती है तो ,उसके माध्यम से पूरा परिवार जुड़ता है।*
*स्वर्ग का नक्शा बन जाता जिस घर भी बस जावे नाम* क्योंकि फिर परिवार के सभी सदस्यों में ईश्वर दिखाई देता है। क्योंकि स्त्री ही परिवार की नींव है । इनके माध्यम से पूरे परिवार में जागरूकता आती है , प्रेम मिलवर्तन आदि समस्त मानवीय गुण परिवार मेंआते है।
दुनिया की गृहस्थी के सारे काम करते हुए, सुंदर रिश्ते प्यार से निभाते हुए, कमल की तरह खिले रहना है।
*इस महिला समागम में बुरहानपुर सहित खंडवा, इंदौर, पीथमपुर, नंदबाग, महू, खरगोन, भटियान, गंनगाव, बसीपीपरी, सागौरकुटी, शीतलनगर, निंबोला और जैनाबाद ,लोधीपुरा , रावेर आदि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु महिलाएं एवं बहनें सम्मिलित हुईं।*
*यह आयोजन इंदौर के जोनल इंचार्ज आदरणीय श्री उदयवीर सिंह तथा सेवादल के क्षेत्रीय संचालक मुरलीधर लालवानी जी बुरहानपुर के मुखी चन्द्रलाल लालवानी जी के कुशल मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ, इन्होंने सभी सेवादारों एवं प्रशासन के सकारात्मक सहयोग के लिए हृदय से धन्यवाद प्रकट किया।*



