चिंचाला श्मशान घाट का होगा सुनियोजित विकास, वर्क ऑडर जारी, शीघ्र प्रारंभ होंगे निर्माण कार्य-अर्चना चिटनिस

बुरहानपुर। विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने कहा कि श्मशान जीवन का सबसे बड़ा सत्य है। मनुष्य का शरीर क्षणभंगुर है और अंततः हर किसी को माँ भारत की मिट्टी में विलीन होना होता है। श्मशान वह स्थान है जहाँ अमीर-गरीब, ऊँच-नीच और भेदभाव की सभी सीमाएँ समाप्त हो जाती हैं। यह स्थान भय का नहीं बल्कि जीवन की सच्चाई का बोध कराने वाला और मनुष्य के अहंकार को समाप्त कर देने वाला सबसे बड़ा गुरु है।
लालबाग क्षेत्र स्थित चिंचाला श्मशान घाट के विकास और व्यवस्थाओं को लेकर विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, नगर निगम अधिकारियों तथा स्थानीय नागरिकों के साथ श्मशान परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक विकास कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि श्मशान घाट केवल अंतिम संस्कार का स्थान नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं और संस्कारों से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। ऐसे स्थान को सुव्यवस्थित, स्वच्छ, सुनियोजित और हरित परिसर के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले नागरिकों को शांत और स्वच्छ वातावरण के साथ आवश्यक सुविधाएँ मिल सकें।
*विभिन्न विकास कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी*
विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि चिंचाला श्मशान घाट के विकास के लिए विभिन्न निर्माण कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं और शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। इनमें 12 लाख 50 हजार रुपए की लागत से शेड निर्माण के कार्य का वर्क ऑर्डर भी जारी हो चुका है, जिससे अंतिम संस्कार के दौरान आने वाले नागरिकों को धूप और बारिश से राहत मिल सकेगी। श्रीमती चिटनिस ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुरे क्षेत्र की व्यवस्थित मैपिंग कर अनुपयोगी कार्य को तोड़ा जाए, साथ ही सुविधा की दृष्टि से जो कार्य जहां करना है वह वहीं करें।
*विद्युत पोल और लाइन शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण*
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि विकास कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए श्मशान परिसर में विद्युत पोल एवं विद्युत लाइन शिफ्टिंग का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है, जिससे आगामी निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
*चिंचाला में विकसित होगा नगर वन*
श्रीमती चिटनिस ने बताया कि चिंचाला श्मशान के पीछे लगभग 4.5 हेक्टेयर क्षेत्र में नगर वन विकसित करने की योजना को स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इस नगर वन को समाज की भागीदारी से विकसित किया जाएगा, जहाँ नागरिक अपने पूर्वजों की स्मृति में पौधारोपण कर सकेंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि नगर वन के माध्यम से क्षेत्र में बड़े स्तर पर स्थानीय प्रजातियों के पौधों का रोपण कर हरित वातावरण तैयार किया जाएगा, जिससे श्मशान परिसर के आसपास का क्षेत्र स्वच्छ, शांत और पर्यावरण अनुकूल बनेगा।
*जनभागीदारी से होगा रखरखाव*
विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि श्मशान घाटों का विकास तभी स्थायी होगा जब समाज भी इसके रख-रखाव में अपनी जिम्मेदारी निभाए। इसके लिए स्थानीय नागरिकों और समाज के सहयोग से श्मशान समिति का गठन कर दीर्घकालीन रख-रखाव की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों ने भी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव दिए और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मार्ग, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर नगर निगमाध्यक्ष अनीता अमर यादव, नगर निगमायुक्त संदीप श्रीवास्तव, पार्षद संभाजीराव सगरे, आशीष शुक्ला, वीरेंद्र चंदन, महेंद्र सुरवाड़े, कीमत मतवानी, बलराज नवानी, रवींद्र गावड़े, वामन मोटे, दिलीप दिवेकर, अंकुश रोकड़े, सुनिल भीसे, नरहरी दीक्षित, मुन्ना जायसवाल, मोंटू गढ़वाल, रुद्रेश्वर एंडोले, करण चौकसे, राजू शेवाडे, शरद वर्मा, पप्पू हाजी, देवा सोनवने, जगदीश सोनावने, मुकेश सोनी, निलेश सोनी, सुनील ठोसरे, राज भावसार, रमेश जुनागढ़े, यादव सोनवने, सुखलाल महाजन, अजय गोटे सहित निगम अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



