संस्कार और भक्ति का संगम: विप्र नारी शक्ति सेवा संस्था द्वारा भगवद गीता शिक्षण वर्ग सम्पन्न

बुरहानपुर। द्वादश अध्याय के श्लोक, त्रिकाल संध्या एवं प्रार्थनाओं का कराया गया अभ्यास
कुछ दिनों पूर्व बुरहानपुर विप्र नारी की सौ. समता शेखर बोहरा द्वारा भगवद गीता शिक्षण वर्ग का आयोजन किया गया। इस वर्ग में बच्चों को भगवद गीता के द्वादश (12वें) अध्याय के श्लोकों का शुद्ध उच्चारण एवं उनका भावार्थ समझाया गया।
कार्यक्रम के दौरान माँ शारदा की आराधना, सूर्य देव की आराधना, भगवान नारायण की प्रार्थना तथा जीवन में उपयोगी महत्वपूर्ण श्लोकों का अभ्यास भी कराया गया। साथ ही बच्चों को त्रिकाल संध्या एवं प्रेरणादायक गीतों के माध्यम से संस्कार एवं भक्ति का संदेश दिया गया।
इस शिक्षण वर्ग में कुल 20 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया बच्चे बोहोत उत्साह लिया इसे देखते हुए विप्र नारी शक्ति सेवा संस्था बुरहानपुर द्वारा निर्णय लिया गया के सभी जगह के बच्चे गीता का ध्यान प्राप्त करें इसलिए बोहोत जल्दी अगली क्लास ली जाएगी और गीता के ज्ञान को बच्चों में आत्मसात किया जाएगा।
प्रतिभागी विद्यार्थियों के नाम:
चैतन्य, चिन्मय, देवांशी, ब्रितांशी, हेत्विक, जानवी, कुनिका, कुश, माधव, पूर्वी, आयुष, आराध्या, बिट्टू, प्रतीक्षा, रद्धि, दर्शिका, आंशिक, प्रखर, प्रीति
अंत में यह आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ बच्चों ने गीता पाठ सीखने से उनमें क्या बदलाव महसूस किया ये बताया,जिसका समापन कल हुआ समापन में की राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरी शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी पायल अवस्थी, आध्यात्मिक विभाग अध्यक्ष अमिता शुक्ला, गीता अध्यापिका समता बोहरा,राखी दीक्षित, शिखा शर्मा और कीर्ती मिश्रा आदि ने बच्चों को बांसुरी और मोरपंख का वितरण कर समापन किया गया।



