*सम्पूर्ण वन्दे मातरम् के सामूहिक गायन में कलेक्टर हर्ष सिंह हुए शामिल*

*नमामि भारतम् के तहत देशभर में एक करोड़ से अधिक लोगों ने एक साथ गाया सम्पूर्ण वन्दे मातरम्, सामूहिक गायन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज*
बुरहानपुर। राष्ट्र भावना एवं देशभक्ति की भावना जागृत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ की रचना के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को बुरहानपुर राष्ट्रभाव और देशभक्ति से सराबोर दिखाई दिया। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के आह्वान पर ‘नमामि भारतम्’ राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सरस्वती नगर में प्रातः ठीक 11 बजे सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ के सामूहिक गायन का आयोजन एक साथ, एक लय और एक स्वर में किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर हर्ष सिंह एवं नगर निगम कमिश्नर संदीप श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों एवं नागरिकों के साथ सहभागिता करते हुए सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ का गायन किया।
विद्यालय परिसर में राष्ट्रगीत के स्वर गूंजे, पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना से ओतप्रोत हो गया। देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों एवं नागरिकों ने एक साथ सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया और इस सामूहिक गायन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।
पूर्व छात्र परिषद विभाग संयोजक धीरज नावानी ने बताया कि विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के आह्वान पर आयोजित इस राष्ट्रव्यापी अभियान में देशभर के सरस्वती शिशु मंदिरों सहित विभिन्न स्थानों पर विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक, पूर्व छात्र एवं समाज के नागरिक सहभागी बने। बुरहानपुर में भी बड़ी संख्या में विद्यालय परिवार, विद्यार्थी, अभिभावक एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। एक ही समय पर देशभर में सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गायन अपने आप में ऐतिहासिक अवसर रहा। इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों, गौरवशाली राष्ट्रीय विरासत एवं भारतीय सांस्कृतिक चेतना से परिचित कराने का प्रयास किया गया। सामूहिक गायन ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों और नागरिकों को एक सूत्र में जोड़ते हुए राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रभाव का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा कि वे स्वयं सरस्वती शिशु मंदिर के पूर्व छात्र हैं और बाल्यकाल से ही शिशु मंदिर में सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम सरस्वती प्रार्थना सहित अनेक प्रार्थनाएं कंठस्थ रही हैं। उन्होंने कहा कि शिशु मंदिर से मिले संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभाव जीवनभर व्यक्ति के साथ रहते हैं। आज विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और समाज के नागरिक एक साथ खड़े होकर सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ का गायन कर रहे हैं, यह भारत की एकात्म चेतना और राष्ट्रीय एकता का जीवंत प्रकटीकरण है।
हमारी भाषाएं, वेशभूषाएं, परंपराएं और जीवन-पद्धतियां अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन मातृभूमि के प्रति हमारा भाव एक है। यही भारत की शक्ति और सांस्कृतिक एकता का आधार है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और राष्ट्रीय विरासत से जोड़ना आवश्यक है। शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, कर्तव्यबोध और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का माध्यम भी है।
कलेक्टर सिंह ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने जीवन में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को आत्मसात करें तथा अपनी प्रतिभा, ज्ञान और परिश्रम का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें। भारत की गौरवशाली संस्कृति, परंपराओं और विरासत को समझते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें तथा सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संतोष वाघमारे ने ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्षों के गौरवशाली इतिहास की जानकारी देते हुए कहा कि कृतज्ञता हमारे जीवन को संपन्न बनाती है। यह पुण्यभूमि है यहाँ भगवान भी जन्म लेने को तरसते है।इस धरती ने बहुत कुछ दिया है इसकी वंदना करना चाहिए।साथ ही उन्होंने वंदे मातरम् के इतिहास को बहुत ही विस्तृत रूप में बताया साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि देश को आजादी दिलाने में वंदे मातरम् गीत का बड़ा ही योगदान रहा है। मातृभूमि के प्रति समर्पित, कर्तव्य पूरा करना और अच्छे विचार व अच्छे नागरिक बनने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में विद्यालय समिति के उपाध्यक्ष मुकेश शाह, सचिव काशीनाथ चौधरी, सह सचिव भारत पाटिल, सदस्य निरंजन नागर,भगवत राठौर, प्रमोद महाजन, संस्था प्राचार्य प्रमोद कुलकर्णी, प्रधानाचार्य देवेंद्र चौरे सहित विद्यालय के आचार्य परिवार, विद्यार्थी, पूर्व छात्र परिषद के सदस्य, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक इस राष्ट्रीय अभियान में सहभागिता कर इसे सफल बनाया। कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति एवं उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ तथा सामूहिक ‘वन्दे मातरम्’ के माध्यम से उपस्थित सभी लोगों ने मातृभूमि के प्रति सम्मान, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रभाव की सामूहिक अभिव्यक्ति की।



